गाजियाबाद: ग्रीन बेल्ट पर तन गए बैंक्वेट हॉल, NGT की सख्ती के बीच कनावनी के पंचवटी और रॉयल एंबियंस पर क्या चलाएगा GDA बुलडोजर?

Oct 1, 2026 - 12:50

गाजियाबाद। प्रदूषण की मार झेल रहे गाजियाबाद में जहां एक-एक पेड़ और हरियाली की जमीन शहर की सांसों के लिए संजीवनी का काम करती है, वहीं कागजों में दर्ज 'ग्रीन बेल्ट' पर बेखौफ व्यावसायिक कब्जे खड़े किए जा रहे हैं। मामला सिर्फ अब शिकायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सर्वोच्च पर्यावरण अदालत—नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) तक पहुंच चुका है। NGT की सख्ती के बीच उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने जिले के 625 प्रतिष्ठानों की सूची अदालत के समक्ष पेश की है। लेकिन इस व्यापक कार्रवाई के बीच कनावनी गांव में संचालित दो बड़े प्रतिष्ठानों—पंचवटी पार्टी लॉन और रॉयल एंबियंस को लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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ग्रीन बेल्ट की जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियां कैसे?

शहीद कैप्टन मनोज पांडे मार्ग, कनावनी गांव स्थित पंचवटी पार्टी लॉन और ला रॉयल सोसायटी के पास संचालित रॉयल एंबियंस को लेकर उपलब्ध जानकारी और दस्तावेजों के अनुसार, इन प्रतिष्ठानों की भूमि ग्रीन बेल्ट (हरित पट्टी) के अंतर्गत दर्ज बताई जा रही है।

पर्यावरणविदों और स्थानीय निवासियों का सवाल है कि यदि यह भूमि महायोजना के अनुसार ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित है, तो यहां शादी-ब्याह, डीजे और कमर्शियल पार्टियां किस आधार पर संचालित की जा रही हैं? इन्हें निर्माण और संचालन के लिए किस विभाग से लाइसेंस या NOC प्राप्त हुई है?

नियमों को दरकिनार करने का आरोप: क्या कहता है कानून?

भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2008 (यथा संशोधित 2018) के अध्याय 16 के बिंदु 16.1 में यह स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी बारात घर या उत्सव भवन का निर्माण और संचालन शहर की महायोजना (Master Plan) और जोनिंग रेगुलेशन के सर्वथा अनुरूप ही होना चाहिए।

इसके अलावा, नियमों के अनुसार किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को अपने परिसर के भीतर ही आवश्यक पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करनी होती है। हालांकि, कनावनी क्षेत्र के इन हॉलों में आने वाले वाहनों को सड़क के बाहर पार्क कराने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, जिससे मार्ग पर घंटों भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि स्वीकृत नक्शे में कितनी पार्किंग दिखाई गई है और धरातल पर कितनी जगह उपलब्ध है।

NGT की रडार पर 625 प्रतिष्ठान, फिर कनावनी पर चुप्पी क्यों?

गाजियाबाद में होटल, मॉल, बैंक्वेट हॉल और रेस्तरां द्वारा पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन को लेकर NGT में सुनवाई जारी है। UPPCB द्वारा दाखिल रिपोर्ट के मुताबिक:

  • सैकड़ों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
  • कई इकाइयों को सील करने और बिजली कनेक्शन काटने तक की कार्रवाई की गई है।

ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब NGT की निगरानी में शहर भर के 625 प्रतिष्ठानों पर डंडा चल रहा है, तो कनावनी के इन दो प्रमुख प्रतिष्ठानों की जमीन, नक्शे, पार्किंग और पर्यावरणीय मानकों की जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है?

GDA के सामने 3 बड़े सवाल:

स्थिति स्पष्ट करे प्राधिकरण: यदि पंचवटी पार्टी लॉन और रॉयल एंबियंस के पास सभी वैध अनुमतियां, स्वीकृत नक्शे और भू-उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) के दस्तावेज मौजूद हैं, तो GDA आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करता?

अवैध निर्माण पर कार्रवाई कब?: यदि निर्माण ग्रीन बेल्ट पर नियमों को ताक पर रखकर किया गया है, तो GDA का प्रवर्तन दस्ता अब तक खामोश क्यों है?

अफसरों की निगरानी पर सवाल: शहर के पर्यावरण, पार्किंग, ग्रीन बेल्ट और सरकारी राजस्व से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदार अधिकारियों ने इतने सालों तक चुप्पी क्यों साधे रखी?

यह मामला सिर्फ दो बैंक्वेट हॉलों के संचालन भर का नहीं है,बल्कि गाजियाबाद के गिरते पर्यावरणीय स्तर और सरकारी राजस्व की चपत का है। अब देखना यह होगा कि NGT में चल रही सख्त सुनवाई के बीच कनावनी के इन प्रतिष्ठानों की निष्पक्ष जांच होती है या फिर नियमों का उल्लंघन करने वालों को यूं ही शह मिलती रहेगी। 

 

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