पटाखों के खिलाफ सेलिब्रिटी कैंपेन के लिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल नहीं होगा बॉम्बे हाई कोर्ट

Oct 27, 2026 - 02:39
Oct 27, 2026 - 02:46
पटाखों के खिलाफ सेलिब्रिटी कैंपेन के लिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल नहीं होगा बॉम्बे हाई कोर्ट

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को नवरात्रि के दौरान पटाखे फोड़ने और मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण से जुड़े एक मामले पर सुनवाई की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पटाखों के इस्तेमाल के खिलाफ जन-जागरूकता अभियानों में सेलिब्रिटीज को सरकारी फंड से पैसे लेने के बजाय, अपनी मर्जी से और मुफ्त में हिस्सा लेना चाहिए। जस्टिस कुलकर्णी की बेंच ने यह जानकर कड़ी नाराजगी जताई कि सेलिब्रिटीज ऐसे अभियानों के लिए भारी फीस लेते हैं।

अब खबरें आपके मोबाइल पर!
Tehelka Khabar App डाउनलोड करें और ताज़ा खबरों से जुड़े रहें।

कोर्ट ने कहा कि अगर सेलिब्रिटीज बिना पैसे लिए आगे नहीं आते हैं तो अधिकारियों को उनसे संपर्क नहीं करना चाहिए और उन पर जनता का पैसा खर्च नहीं किया जाना चाहिए। जज ने कहा कि सेलिब्रिटीज को मुंबई से काफी फायदा मिला है, इसलिए अगर वे इस शहर को अपना मानते हैं, तो उन्हें भी शहर के लिए कुछ करना चाहिए।

बेंच ने यह भी सवाल किया कि जो सेलिब्रिटीज मुंबई पुलिस के सालाना कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, वे किसी सामाजिक कार्य के लिए 15 मिनट का समय क्यों नहीं निकाल सकते? कोर्ट ने सुझाव दिया कि जरूरत पड़ने पर मराठी कलाकारों से भी मुफ्त में मदद मांगी जा सकती है। राज्य सरकार के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि कुछ बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने पहले ही इंस्टाग्राम पर लोगों से पटाखे न फोड़ने की अपील की है। इस पर कोर्ट ने कहा कि उन्हें इसी तरह आधिकारिक अभियानों के लिए भी बिना किसी फीस के आगे आना चाहिए। सेलिब्रिटी को सामाजिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए और शहर के हित में योगदान देना चाहिए।

कोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम यानी बीएमसी और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी एमपीसीबी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। इनमें अखबारों, टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया पर विज्ञापन देना, स्कूलों में छात्रों द्वारा पटाखे न फोड़ने की शपथ लेना और शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1916 जारी करना शामिल है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह अभियान सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाना चाहिए। कोर्ट ने झुग्गी-बस्तियों वाले इलाकों में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाने को कहा, जिसमें कॉरपोरेटरों और स्थानीय लोगों की मदद ली जा सकती है।

बेंच ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि इन इलाकों में रात 2 बजे तक पटाखे फोड़े जाते हैं, जिससे वायु प्रदूषण के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ता है। कोर्ट ने प्रशासन से कहा कि वह दीपावली और अन्य त्योहारों के दौरान भी सख्त निगरानी रखे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करे। हाई कोर्ट का यह रुख पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकारी मशीनरी और सेलिब्रिटी की भूमिका पर एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow