मथुरा में अवैध निर्माण और प्राधिकरण की सील तोड़ने के मामले में दोषसिद्धि, आरोपी पर ₹3 हजार जुर्माना

‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी, कोर्ट ने आरोपी को कोर्ट उठने तक की सजा सुनाई

Sep 23, 2026 - 09:15
मथुरा में अवैध निर्माण और प्राधिकरण की सील तोड़ने के मामले में दोषसिद्धि, आरोपी पर ₹3 हजार जुर्माना

मथुरा। जिले में अवैध निर्माण और विकास प्राधिकरण की कार्रवाई की अनदेखी करने के मामले में अदालत ने एक आरोपी को दोषी ठहराया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत हुई प्रभावी पैरवी के बाद ACJM/SD-01, मथुरा की अदालत ने आरोपी साहिब सिंह को दोषी मानते हुए कोर्ट उठने तक की सजा और 3,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

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यह फैसला 22 सितंबर 2026 को सुनाया गया।

बिना स्वीकृत नक्शे के कराया जा रहा था निर्माण

मामला थाना सदर बाजार से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी साहिब सिंह पुत्र गुलाब सिंह, निवासी सरपंच नगर, सरपंच की बगीची के सामने, औरंगाबाद रोड, मथुरा के खिलाफ मुकदमा संख्या 250/2022 दर्ज किया गया था।

आरोप था कि संबंधित भवन का निर्माण अनुमोदित भवन मानचित्र के बिना कराया गया था। मामले में मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) की ओर से भवन पर कार्रवाई करते हुए सील लगाई गई थी।

MVDA की सील तोड़कर जारी रखा था काम

पुलिस के अनुसार कार्रवाई के बाद भी आरोपी ने प्राधिकरण की ओर से लगाई गई सील को तोड़ दिया और भवन का संचालन जारी रखा। मामले में पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने आरोपी को संबंधित धाराओं में दोषी माना।

कोर्ट उठने तक की सजा और 3 हजार रुपये जुर्माना

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद ACJM/SD-01 मथुरा की अदालत ने साहिब सिंह को कोर्ट उठने तक की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 3,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

इस कार्रवाई को अवैध निर्माण और विकास प्राधिकरण की ओर से लगाई गई सील से छेड़छाड़ के मामलों में पुलिस की कानूनी पैरवी के परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।

‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत हुई पैरवी

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ का उद्देश्य गंभीरता से जांच पूरी करने के साथ न्यायालय में मामलों की प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाना है।

मथुरा के इस मामले में भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में विवेचना और न्यायालय में पैरवी की गई। अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों और अभियोजन पक्ष के बीच समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।

अवैध निर्माण करने वालों के लिए सख्त संदेश

मथुरा में विकास प्राधिकरण के नियमों की अनदेखी कर बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण करने के मामलों को लेकर यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है। खासतौर पर प्राधिकरण की ओर से लगाई गई सील को तोड़कर निर्माण या भवन का संचालन जारी रखना कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।

इस मामले में अदालत द्वारा दोषसिद्धि के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में विवेचना पूरी कर उन्हें न्यायालय तक पहुंचाने और प्रभावी पैरवी जारी रखने पर जोर दिया जाएगा।

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