नोएडा में अवैध निर्माण और बदहाल सड़कों पर सख्ती, तीन एजेंसियों पर 35 लाख का जुर्माना
औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, दो संविदा जेई और दो सुपरवाइजर की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश; 20 अक्टूबर तक सड़कों की मरम्मत पूरी कराने का अल्टीमेटम
नोएडा। शहर में अवैध निर्माण, टूटी सड़कों और सफाई व्यवस्था में लापरवाही को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश के निर्देश पर हुए औचक निरीक्षण में कई जगह व्यवस्थाओं की खामियां सामने आईं। इसके बाद जिम्मेदार कर्मचारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
औचक निरीक्षण के दौरान बरौला क्षेत्र में अवैध निर्माण होता हुआ पाया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही क्षेत्र में तैनात अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं।
दो संविदा जेई और दो सुपरवाइजर पर कार्रवाई
निरीक्षण में लापरवाही सामने आने के बाद दो संविदा जूनियर इंजीनियर और दो सुपरवाइजर की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में निगरानी और व्यवस्थाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
20 अक्टूबर तक सड़कों की मरम्मत का अल्टीमेटम
निरीक्षण के दौरान नोएडा के कई हिस्सों में सड़कें खराब हालत में मिलीं। कहीं सड़क की सतह उखड़ी हुई थी तो कहीं मरम्मत की आवश्यकता सामने आई। इस पर सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को शहर की सभी खराब सड़कों की मरम्मत और रिसर्फेसिंग का काम 20 अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि तय समयसीमा में काम पूरा होना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सफाई में लापरवाही, तीन एजेंसियों पर 35 लाख का जुर्माना
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां सामने आईं। सेक्टर-19 सहित कई इलाकों में गंदगी मिलने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ आर्थिक दंड लगाया गया।
तीन एजेंसियों पर कुल 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें:
- एजी एन्वायरो पर 25 लाख रुपये
- दो अन्य एजेंसियों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना
शामिल है।
प्राधिकरण की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था में लगे ठेकेदारों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिक्रमण पर भी अधिकारियों को समयसीमा
नोएडा में सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण ने वर्क सर्किल प्रभारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने को कहा है।
अधिकारियों को साफ चेतावनी दी गई है कि तय समयसीमा के बाद यदि संबंधित क्षेत्रों में दोबारा अतिक्रमण पाया गया तो केवल निचले स्तर के कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
निरीक्षण के बाद प्राधिकरण का सख्त संदेश
नोएडा प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अब अवैध निर्माण, खराब सड़कों, गंदगी और अतिक्रमण के मामलों में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। खासतौर पर फील्ड स्तर पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ लापरवाही मिलने पर संविदाकर्मियों और एजेंसियों पर सीधे कार्रवाई की जा रही है।
What's Your Reaction?

