“ढोंगी बाबा का काला सच: 10 FIR, ‘नशीला पानी’ पिलाकर दुष्कर्म के आरोप—अशोक खरात की हिरासत 1 अप्रैल तक बढ़ी”
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नासिक से जुड़े चर्चित दुष्कर्म मामले में आरोपी ज्योतिषी अशोक खरात की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। रविवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसकी पुलिस हिरासत 1 अप्रैल तक बढ़ा दी। जांच एजेंसियों के अनुसार मामले में अभी कई अहम पहलुओं की जांच बाकी है, जिसके लिए डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल जरूरी है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने राज्य फोरेंसिक लैब से आरोपी के मोबाइल की क्लोन कॉपी हासिल कर ली है और अब उसका विश्लेषण किया जा रहा है। जांच अधिकारी का कहना है कि मोबाइल डेटा की जांच खरात की मौजूदगी में ही की जानी आवश्यक है, क्योंकि आशंका है कि उसने कई महत्वपूर्ण संपर्क नंबर फर्जी नामों से सेव कर रखे हैं।
सरकारी पक्ष रखते हुए सहायक लोक अभियोजक शैलेंद्र बागाडे ने कोर्ट को बताया कि आरोपी जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा है, जिससे कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने में बाधा आ रही है। इस मामले में पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खरात ने उसे “खारा और कड़वा पानी” पिलाया, जिसके बाद उसे चक्कर आने लगे और इसी स्थिति का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। SIT अब इस संदिग्ध पदार्थ के स्रोत और उसमें मिलाए गए तत्वों की जांच कर रही है।
अब तक खरात के खिलाफ कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 8 मामले यौन शोषण से जुड़े हैं, जबकि अन्य मामलों में ठगी, जबरन वसूली और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप शामिल हैं। इसके साथ ही हवाला लेन-देन और संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां आरोपी की चल और अचल संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही हैं, जिनमें बेनामी संपत्ति होने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी के संपर्क में रहने वाले कई राजनीतिक चेहरे भी SIT के रडार पर हैं।
इस बीच संजय राउत ने सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर वे कौन 40 नेता हैं जो खरात के संपर्क में थे और उसे विशेष सुविधाएं कौन मुहैया कराता था। वहीं रूपाली चाकणकर का नाम भी इस मामले में सामने आया है, जो खरात के ट्रस्ट से ट्रस्टी के रूप में जुड़ी थीं। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
मामले में ठगी के आरोप भी सामने आए हैं, जहां एक व्यवसायी ने आरोप लगाया कि व्यापार में वृद्धि के नाम पर उसे नकली रत्न देकर 2.62 लाख रुपये की ठगी की गई। वहीं एक विवाहित महिला ने भी पारिवारिक विवाद के समाधान के नाम पर झांसा देकर यौन शोषण किए जाने का आरोप लगाया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने आरोपी को सार्वजनिक फांसी देने की मांग की है। कुल मिलाकर यह मामला अब आस्था के नाम पर धोखाधड़ी, यौन अपराध और कथित राजनीतिक संबंधों की जटिल परतों को उजागर करता नजर आ रहा है, जिसमें आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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