रसूखदारों व जनप्रतिनिधियों के दबाव में कानून बेबस? अवैध निर्माण पर प्राधिकरण कार्रवाई करने में फिसड्डी

Apr 5, 2026 - 06:14
रसूखदारों व जनप्रतिनिधियों के दबाव में कानून बेबस? अवैध निर्माण पर प्राधिकरण कार्रवाई करने में फिसड्डी

(राहुल शर्मा)

मथुरा। शहर में अवैध निर्माण का खेल लगातार जारी है और जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाता दिखाई दे रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि “आज बंद, कल शुरू” का सिलसिला आम बात बन गया है। अवैध निर्माण न केवल शहर की सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके बावजूद कार्रवाई का अभाव प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।

होली गेट के पास धड़ल्ले से जारी निर्माण

महानगर के हृदय स्थल होली गेट से कोतवाली जाने वाले मुख्य मार्ग से जुड़े दलपत खिड़की क्षेत्र में पिछले लगभग दो माह से अवैध निर्माण कार्य लगातार जारी है। इस मामले को मानवाधिकार फास्ट न्यूजद तहलका खबर द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित भी किया जा चुका है। खबर सामने आने के बाद प्राधिकरण हरकत में जरूर आया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस जारी कर खानापूर्ति कर दी गई। सबसे बड़ा सवाल यही है कि नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य क्यों नहीं रुक रहा है?

जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी में मामला

सूत्रों के अनुसार उक्त अवैध निर्माण की जानकारी प्राधिकरण के उपाध्यक्ष से लेकर सचिव, एई और जेई तक सभी अधिकारियों को है। शिकायतकर्ता द्वारा 14 जनवरी से लगातार प्राधिकरण सचिव आशीष कुमार सिंह को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन लगभग तीन माह बीत जाने के बाद भी केवल नोटिस की कार्रवाई ही देखने को मिली है।

सबसे बडा सवाल यही है कि यदि निर्माण अवैध है, तो अब तक निर्माण को सील क्यों नहीं किया जा रहा है।मात्र नोटिस काटकर कागजी घोडे क्यों दौडाए जा रहे हैं। 

क्या दबाव में है प्राधिकरण?

सूत्रों से मिली जानाकारी में सामने आया है कि निर्माण स्वामी द्वारा कुछ रसूखदारों व जनप्रतिनिधियों से सिफारिश लगवाई गई है, जिसके कारण कार्रवाई प्रभावित हो रही है। साथ ही यह जानकारी मिली है कि प्राधिकरण के स्तर पर सांठगांठ की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार जारी निर्माण कार्य कई गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है।

पत्रकार को धमकी

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब एक अप्रैल की शाम लगभग 6:30 बजे निर्माण स्वामी राशिद नामक व्यक्ति ने कथित रूप से पत्रकार राहुल शर्मा को धमकी दी। उसने कहा कि “निर्माण होने दो, खबर मत लगाओ, नहीं तो अंजाम भुगतना होगा।” यह भी कहा गया कि जब प्राधिकरण कार्रवाई नहीं कर रहा, तो खबर प्रकाशित कर कार्रवाई के लिए दबाव क्यों बना रहे हो।

लगभग तीन माह से जारी उक्त अवैध निर्माण पर नोटिस के बाद सीलिंग की कार्रवाई क्यों नहीं की गयी? क्या रसूखदारों व जनप्रतिनिधि के दबाव में कार्रवाई रुकी हुई है?

कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ेंगे हौसले

यदि ऐसे मामलों में सख्त कदम नहीं उठाए गए तो अवैध निर्माण करने वालों के हौसले और बुलंद हो सकते हैं। अब देखना यह होगा कि प्राधिकरण इस मामले में ठोस कार्रवाई करता है या फिर “आज बंद, कल शुरू” का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।

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