दिल्ली-एनसीआर में गैंगस्टर्स पर पुलिस का शिकंजा: 58 ठिकानों पर छापेमारी, हथियार, कैश और लग्ज़री SUV बरामद
दिल्ली पुलिस ने राजधानी और एनसीआर में गैंगस्टर्स के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में एक साथ 58 ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी शुक्रवार तड़के सुबह शुरू की गई और कई घंटे तक चली। पुलिस ने इस ऑपरेशन में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि 36 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने के तौर पर देखा जा रहा है।
किन गैंगस्टर्स को बनाया निशाना?
यह ऑपरेशन दिल्ली और हरियाणा में सक्रिय कई कुख्यात गैंगस्टर्स के खिलाफ चलाया गया। पुलिस ने नीरज बवाना, काला जठेड़ी, जितेंद्र उर्फ गोगी, राजेश बवाना, टिल्लू ताजपुरिया, कपिल सांगवान उर्फ नंदू और सुरेंद्र मलिक उर्फ नीतू दाबोदा जैसे नामचीन गैंगस्टर्स के ठिकानों पर दबिश दी।
सबसे अहम गिरफ्तारी नीरज बवाना के पिता प्रेम सिंह सहरावत की हुई, जिन्हें पुलिस ने दिल्ली से पकड़ा। इसके अलावा दिल्ली और हरियाणा में कई गुर्गों को भी गिरफ्तार किया गया।
कहां-कहां हुई छापेमारी?
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दिल्ली – नरेला, कराला, खेड़ा खुर्द और टीकरी खुर्द इलाकों में छापेमारी
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हरियाणा – सोनीपत, सांपला, झज्जर, रोहतक और बहादुरगढ़
पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा उनमें खेड़ा खुर्द से शक्तिमान, टीकरी खुर्द नरेला से वेदपाल, कराला से नवीन, अंकित उर्फ विशाल और हरिओम शामिल हैं।
क्या-क्या मिला पुलिस को?
पुलिस टीमों को छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध हथियार और कीमती सामान मिला। बरामदगी का ब्योरा इस प्रकार है:
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7 पिस्टल
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1 रिवॉल्वर
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4 देसी कट्टे
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1 मैगजीन
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40 जिंदा कारतूस
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49.60 लाख रुपये नकद
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1.36 किलो सोना
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14.60 किलो चांदी
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एक बुलेटप्रूफ SUV
बरामदगी से साफ है कि गैंगस्टर्स न सिर्फ हथियारों से लैस थे, बल्कि काले धन और कीमती धातुओं में भी अपनी कमाई को बदल चुके थे।
पुलिस की तैयारी और रणनीति
दिल्ली पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन को गुप्त रणनीति के तहत अंजाम दिया।
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कार्रवाई में सैकड़ों जवानों और अधिकारियों को लगाया गया।
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टीमों को छोटे-छोटे समूहों में बांटकर अलग-अलग स्थानों पर एक ही समय पर भेजा गया ताकि गैंगस्टर्स को भागने का मौका न मिले।
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छापेमारी से पहले संभावित ठिकानों पर इंटेलिजेंस इनपुट इकट्ठा किए गए।
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जिन आरोपियों को पकड़ा गया है उनसे पूछताछ कर गैंग के बाकी नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
क्यों जरूरी थी यह कार्रवाई?
बीते कुछ महीनों से दिल्ली और एनसीआर में गैंगस्टर्स का खौफ लगातार बढ़ रहा था। रंगदारी वसूली, हथियारों की तस्करी और शूटआउट जैसी घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर समय रहते इन गैंगस्टर्स की कमर नहीं तोड़ी जाती तो उनका नेटवर्क और बड़ा हो सकता था।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। कई गैंगस्टर्स के खिलाफ यूएपीए (Unlawful Activities Prevention Act) और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए जाने की तैयारी है। बरामद नकदी और सोना-चांदी के स्रोत की जांच के लिए आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी सूचना दी जा सकती है।
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