अवैध निर्माण स्वामियों से सांठगांठ के आरोप में जेई बदन सिंह प्रवर्तन से हटाए गए, कार्यालय से संबद्ध

Apr 19, 2026 - 06:04
अवैध निर्माण स्वामियों से सांठगांठ के आरोप में जेई बदन सिंह प्रवर्तन से हटाए गए, कार्यालय से संबद्ध

मथुरा। मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) बदन सिंह पर यमुनापार और गोवर्धन क्षेत्र में अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, अपने पिछले कार्यकाल (यमुनापार) और वर्तमान कार्यकाल (गोवर्धन) के दौरान जेई बदन सिंह ने कई अवैध निर्माणों पर विधिक कार्रवाई करने के बजाय औपचारिकता निभाई और उन्हें पूर्ण होने तक संरक्षण दिया, जिससे निजी लाभ लेने की बात सामने आ रही है।

यमुनापार में अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई के बाद भी जारी निर्माण

बताया जा रहा है कि यमुनापार के बलदेव रोड पर बिजली घर के निकट कोल्ड स्टोर वाली भूमि पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी पर दो माह पूर्व प्राधिकरण द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। सूत्रों का दावा है कि ध्वस्तीकरण के बाद भी अवर अभियंता से सांठगांठ के चलते कॉलोनी में तेजी से अवैध निर्माण जारी रहा।

पुराने थाने के पास बड़े अवैध निर्माण पर नहीं हुआ नोटिस

एक अन्य मामले में पुराने थाने के पास बड़े स्तर पर किए गए अवैध निर्माण पर कोई नोटिस जारी तक नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि यह निर्माण एक पेट्रोल पंप स्वामी से जुड़ा हुआ है और मोटी रकम लेकर कार्रवाई नहीं की गई।

ढहरुआ फाटक के पास सील निर्माण में भी जारी रहा काम

राया रोड पर ढहरुआ फाटक के पास विकास शुक्ला द्वारा किए जा रहे बड़े व्यवसायिक निर्माण पर प्राधिकरण ने सील लगाने की कार्रवाई की थी। आरोप है कि इसके बावजूद दलाल के माध्यम से लगभग 2 लाख 60 हजार रुपये लेकर निर्माण कार्य जारी रखने में सहयोग दिया गया।

कंपाउंडिंग आवेदन की आड़ में निर्माण

सूत्रों के अनुसार, संबंधित निर्माण स्वामी द्वारा अब कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया है। हालांकि नियमों के अनुसार 100% अवैध निर्माण का शमन संभव नहीं होता, फिर भी प्राधिकरण की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

अन्य मामलों में भी मिली अनियमितताओं की जानकारी

  • राया रोड पर गोसना गांव से पहले बड़े अवैध निर्माण को संरक्षण देने का आरोप
  • लक्ष्मीनगर में अशोक शर्मा द्वारा किए गए बड़े निर्माण पर विधिक कार्रवाई न करने की बात सामने आई
  • गोवर्धन क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों पर कार्रवाई न होने की शिकायत

शिकायत के बाद सचिव ने लिया संज्ञान

बता दें कि इन मामलों की जानकारी मानवाधिकार फास्ट न्यूज द तहलका खबर द्वारा प्रकाशित कर प्राधिकरण को दी गई थी। इसके बाद प्राधिकरण के सचिव आशीष कुमार को दूरभाष और व्हाट्सऐप के माध्यम से अवैध निर्माणों के फोटो और कथित अनियमितताओं की जानकारी दी गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव आशीष कुमार ने तत्काल प्रभाव से जेई बदन सिंह को प्रवर्तन विभाग से हटाकर कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।

प्राधिकरण पर उठ रहे सवाल

लगातार सामने आ रहे अवैध निर्माण मामलों ने मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि इन मामलों में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या अवैध निर्माणों पर प्रभावी रोक लग पाती है।

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