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राष्ट्रीय

क्या लोकतंत्र में सवाल पूछना देशहित है?

जंतर-मंतर में हुई चर्चा के दौरान यह अहम प्रश्न उठाया गया कि क्या लोकतंत्र में सव...

जनता और सत्ता एक ही भारत देख रहे हैं?

भारत की आर्थिक वृद्धि और बुनियादी ढांचे के विकास को लोग सराहते हैं, लेकिन रोजगार...

भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया?

हालांकि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर राष्ट्रीय गर्व महसूस ...

जनता बनाम सरकारी दावे: किस पर भरोसा करें?

सरकार के आर्थिक आंकड़े और आम आदमी के रोजमर्रा के अनुभव अलग दिशा में जाते हैं तो ...

क्या सरकारी योजनाओं की सफलता लाभार्थी तय करें या सरकार?

सरकारी आँकड़े और लोगों के अनुभव अक्सर अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं - जल जीवन मिशन...

राजनीति लोगों की समस्याओं से दूर हो रही है?

रोज़गार, भर्ती परीक्षाएँ, महँगाई और दवाओं की बढ़ती कीमतें आम नागरिकों के लिए असल...

नागरिक अधिकारों पर चर्चा ज्यादा होती है या जिम्मेदारियो...

संविधान दिवस पर हुई चर्चा में यह बात सामने आई कि नागरिक अपने अधिकारों (RTI, RTE,...

क्या 'विकसित भारत' का सपना युवाओं के सपनों से मेल खाता है?

"विकसित भारत 2047" का सपना सिर्फ़ मेट्रो, एक्सप्रेसवे और GDP ग्रोथ के बारे में न...

लोग नेताओं को उनके काम से आंकते हैं या उनकी छवि से?

बातचीत के दौरान मतदाताओं ने कहा कि उनका वोटिंग का फैसला सिर्फ नेता की छवि और लोक...

भारत की आर्थिक प्रगति आम नागरिक की जेब में दिखाई देती है?

भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, लेकिन जीडीपी की व...

देश की उपलब्धियां लोगों की रोजमर्रा की चुनौतियों को ढक ...

हालांकि लोग चंद्र मिशन, G-20 और मेट्रो-एक्सप्रेसवे जैसी राष्ट्रीय उपलब्धियों पर ...

"विकास हुआ है?" — लेकिन जनता किसे विकास मानती है?

यह लेख विकास की विभिन्न धारणाओं पर प्रकाश डालता है जो सरकार और आम जनता के बीच भि...

क्या युवाओं का धैर्य भर्ती परीक्षाओं और परिणामों के इंत...

यह लेख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के समक्ष मौजूद बढ़ती अनिश्चित...

चुनावी मुद्दे और जनता के मुद्दे अलग-अलग हैं?

यह लेख चुनावों के मुद्दों और आम आदमी की असल समस्याओं के बीच के अंतर को उजागर करत...