असम में बाढ़ का दायरा सिमटा, अब सिर्फ धेमाजी जिला प्रभावित

Jul 13, 2026 - 04:00
असम में बाढ़ का दायरा सिमटा, अब सिर्फ धेमाजी जिला प्रभावित

असम में बाढ़ की स्थिति में रविवार को काफी सुधार देखने को मिला। अब केवल एक जिला बाढ़ से प्रभावित है और किसी नई जनहानि की सूचना नहीं मिली है। यह जानकारी असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) द्वारा जारी ताजा बाढ़ बुलेटिन में दी गई।

बुलेटिन के अनुसार, धेमाजी अब राज्य का एक मात्र बाढ़ प्रभावित जिला है। यहां माटिजुरी क्षेत्र में कटाखाल नदी अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, राज्य की कोई भी नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर नहीं बह रही है।

बाढ़ का असर धेमाजी और जोनाई राजस्व सर्किल के तीन गांवों पर पड़ा है। इससे कुल 1,367 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 438 पुरुष, 442 महिलाएं और 487 बच्चे शामिल हैं। करीब 26 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है।

प्रशासन ने जोनाई में एक राहत शिविर और एक राहत वितरण केंद्र स्थापित किया है। राहत शिविर में वर्तमान में 38 लोग रह रहे हैं, जिनमें 13 पुरुष, 18 महिलाएं और 7 बच्चे शामिल हैं। राहत वितरण केंद्र में फिलहाल कोई नहीं ठहरा हुआ है।

बुलेटिन में बताया गया है कि बाढ़ के इस दौर में किसी व्यक्ति की मौत या लापता होने की कोई घटना सामने नहीं आई है। हालांकि 3,726 पशु प्रभावित हुए हैं, जिनमें 1,590 बड़े और 2,136 छोटे पशु शामिल हैं।

बाढ़ के कारण 112 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 16 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा पशुशालाओं सहित 20 अन्य ढांचों को भी नुकसान हुआ है।

सरकारी एजेंसियों के अनुसार, किसी सड़क, पुल या तटबंध को नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि जोनाई के 16 आंगनवाड़ी केंद्रों को नुकसान हुआ है। इनमें फर्श टूटने के साथ-साथ पानी के पंप और पाइपलाइन कनेक्शन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इसके अलावा, रुक्मिणी अली हाई स्कूल नामक एक माध्यमिक विद्यालय को भी नुकसान पहुंचा है। स्कूल के फर्श, दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों को क्षति पहुंची है।

रविवार को नाव, हेलीकॉप्टर या लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने से जुड़ा कोई बचाव अभियान नहीं चलाया गया। प्रशासन ने प्रभावित पशुओं के लिए 125.53 क्विंटल गेहूं की भूसी सहित पशु चारा वितरित किया।

बुलेटिन में यह भी बताया गया कि जोनाई स्थित तेलाम ट्राइबल हाई स्कूल में चल रहा राहत शिविर रविवार को बंद कर दिया गया, क्योंकि वहां रह रहे सभी लोग अपने घर लौट गए हैं। इसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने का संकेत माना जा रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow