न्यूयॉर्क पोस्ट ने भारतीय मूल की रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमातिरेड्डी का किया समर्थन, लेटिशिया जेम्स को देंगी टक्कर

Oct 24, 2026 - 05:17
Oct 24, 2026 - 05:17
न्यूयॉर्क पोस्ट ने भारतीय मूल की रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमातिरेड्डी का किया समर्थन, लेटिशिया जेम्स को देंगी टक्कर

न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स को चुनौती दे रहीं भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन सरिता कोमातिरेड्डी को 'न्यूयॉर्क पोस्ट' के संपादकीय बोर्ड का समर्थन मिल गया है। राज्य में शनिवार से 'अर्ली वोटिंग' शुरू हो रही है। शुक्रवार को प्रकाशित अपने संपादकीय में अखबार ने लिखा, "न्यूयॉर्क पोस्ट पूरे उत्साह के साथ अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स के मुकाबले सरिता कोमातिरेड्डी का समर्थन करता है।"

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संपादकीय में कहा गया कि कोमातिरेड्डी एक अनुभवी अभियोजक हैं, जिन्होंने विभिन्न प्रशासनिक दौरों में आतंकवादियों, ड्रग कार्टेल से जुड़े लोगों, साइबर अपराधियों और अन्य अपराधियों के खिलाफ काम किया है। अखबार ने लिखा, "अब वह अटॉर्नी जनरल के पद की सभी शक्तियों का इस्तेमाल कर अपराध, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार पर सख्ती से कार्रवाई करना चाहती हैं, साथ ही सड़कों को सुरक्षित बनाना चाहती हैं।"

संपादकीय की हेडलाइन में लेटिशिया जेम्स को 'राजनीतिक खिलाड़ी' (पॉलिटिकल हैक) बताया गया। अखबार ने रिपब्लिकन उम्मीदवार ब्रूस ब्लेकमैन को गवर्नर पद और सांसद माइक लॉरलर को 17वें कांग्रेसनल जिले के लिए भी समर्थन दिया।

41 वर्षीय सरिता कोमातिरेड्डी ने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा कि उनका अपना परिवार भी शहर में अपराध की घटनाओं से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा, "मेरे परिवार के एक सदस्य पर बच्चों को स्कूल ले जाते समय सब-वे में हमला हुआ था। हमारी एक पारिवारिक मित्र के बेडरूम में सोते समय गोली आकर लगी थी।" उन्होंने दावा किया कि न्यूयॉर्क के लोग पहले की तुलना में खुद को कम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

कोमातिरेड्डी ने कहा, "न्यूयॉर्क के लोग सुरक्षित महसूस नहीं करते। जब से टिश जेम्स अटॉर्नी जनरल बनी हैं, लोगों को लगता है कि उनकी सुरक्षा कम हुई है, और इसकी वजह साफ है। वे वास्तव में पहले से कम सुरक्षित हैं।"

उन्होंने आरोप लगाया, "उन्होंने अपना काम करना बंद कर दिया।" संपादकीय में लेटिशिया जेम्स के उस बयान का भी उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अटॉर्नी जनरल का पद मुख्य रूप से दीवानी (सिविल) मामलों पर केंद्रित होता है, न कि आपराधिक मामलों पर।

'द पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क में संघीय अभियोजक के रूप में काम करते हुए कोमतिरेड्डी ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और सरकारी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को संभाला था। कोमातिरेड्डी ने इस समर्थन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया।

उन्होंने शुक्रवार को बेघर लोगों के मुद्दे पर केंद्रित अपना नया चुनावी विज्ञापन भी पोस्ट किया। उनका चुनाव अभियान एक आंतरिक सर्वेक्षण का भी हवाला दे रहा है, जिसे ऑनमैसेज इंक. ने किया था और जिसकी जानकारी सबसे पहले 18 अक्टूबर को न्यूयॉर्क पोस्ट ने प्रकाशित की थी।

इस सर्वेक्षण के अनुसार, लेटिशिया जेम्स 50.7 प्रतिशत समर्थन के साथ आगे थीं, जबकि कोमातिरेड्डी को 44.7 प्रतिशत समर्थन मिला था। 12 से 14 अक्टूबर के बीच किए गए इस सर्वे में 1,000 संभावित मतदाताओं से राय ली गई थी। सर्वे के अनुसार, जिन लोगों ने 8 अक्टूबर को दोनों उम्मीदवारों की बहस देखी थी, उनमें कोमतिरेड्डी को 81 प्रतिशत और जेम्स को 19 प्रतिशत समर्थन मिला।

हालांकि पिछले महीने हुए सिएना कॉलेज के एक सर्वेक्षण में लेटिशिया जेम्स 13 अंकों की बढ़त के साथ आगे दिखाई गई थीं। जेम्स के चुनाव अभियान ने इस आंतरिक सर्वेक्षण को खारिज कर दिया। जेम्स अभियान की एक प्रवक्ता ने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा, "सरिता कोमातिरेड्डी न्यूयॉर्क के लोगों को धोखाधड़ी करने वालों या संघीय सरकार से नहीं बचाएंगी, क्योंकि वही लोग उनके अभियान को समर्थन दे रहे हैं।"

प्रवक्ता ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप ने उनका समर्थन किया है और बदले में वह तब आंख मूंद लेंगी जब ट्रंप न्यूयॉर्क में अराजकता फैलाएंगे।" डेमोक्रेट नेता लेटिशिया जेम्स पहली बार 2018 में न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल चुनी गई थीं और 2022 में दोबारा निर्वाचित हुईं। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उस समय काफी पहचान मिली जब उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी कंपनी के खिलाफ दीवानी धोखाधड़ी का मामला दायर किया था। न्यूयॉर्क में अर्ली वोटिंग 24 अक्टूबर से एक नवंबर तक चलेगी, जबकि आम चुनाव तीन नवंबर को होगा।

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