10 अक्टूबर को फिर दिल्ली की सड़कों पर उतरेगी CJP? पुलिस को दी प्रदर्शन की सूचना, अनुमति का इंतजार

‘Gen-Z प्रोटेस्ट’ के तौर पर प्रदर्शन की तैयारी, सौरव दास बोले—मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने तक जारी रहेगा आंदोलन; नई दिल्ली में BNSS की धारा 163 लागू

Oct 7, 2026 - 14:41
10 अक्टूबर को फिर दिल्ली की सड़कों पर उतरेगी CJP? पुलिस को दी प्रदर्शन की सूचना, अनुमति का इंतजार

नई दिल्ली। दिल्ली में CJP यानी ‘कॉकरेच जनता पार्टी’ एक बार फिर प्रदर्शन की तैयारी में है। संगठन की ओर से 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस को सूचना दी गई है। CJP का दावा है कि पुलिस की ओर से इसकी प्राप्ति की पुष्टि भी मिल गई है, हालांकि अभी तक प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।

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संसद मार्ग थाने के बाहर CJP से जुड़े सौरव दास ने कहा कि इस बार प्रदर्शन को केवल CJP तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे ‘Gen-Z प्रोटेस्ट’ के तौर पर आयोजित करने की तैयारी है। उनका कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।

हालांकि प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सबसे बड़ा सवाल पुलिस की अनुमति का है। नई दिल्ली इलाके में फिलहाल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। ऐसे में 10 अक्टूबर को प्रदर्शन की अनुमति मिलती है या पुलिस किसी तरह की पाबंदी लगाती है, इस पर नजर रहेगी।

3 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद बढ़ा था विवाद

इससे पहले 3 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इसी प्रदर्शन के बाद तीन महिला पत्रकारों ने कुछ पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए थे।

शिकायत सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। इसके बाद पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर धरना देकर FIR दर्ज करने की मांग भी की थी। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

इसी घटनाक्रम में ACP विवेक भगत का नाम भी चर्चा में आया। बाद में उन्होंने कथित शिकायतों की जांच पूरी होने तक एडिशनल DCP का करंट ड्यूटी चार्ज नहीं लेने की इच्छा जताई, जिसके बाद दिल्ली सरकार की ओर से संबंधित आदेश में बदलाव किया गया।

जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च में हुआ था टकराव

CJP इससे पहले भी दिल्ली में बड़े प्रदर्शन कर चुकी है। जुलाई में संगठन के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। बैरिकेडिंग तोड़े जाने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की ओर से बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था। घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें भी सामने आई थीं।

हिंसा और टकराव के बाद दिल्ली पुलिस ने कई FIR दर्ज की थीं। बाद में पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में जुलाई के CJP प्रदर्शनों से जुड़ी 13 FIR पर आगे कार्रवाई नहीं करने की बात कही थी।

10 अक्टूबर पर टिकी नजर

अब एक बार फिर 10 अक्टूबर की तारीख पर नजर है। CJP इसे ‘Gen-Z प्रोटेस्ट’ का रूप देने की तैयारी कर रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी मांग पर कायम है। दूसरी ओर नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू होने और पिछले प्रदर्शनों के दौरान हुए विवादों को देखते हुए दिल्ली पुलिस का अगला फैसला अहम होगा।

फिलहाल प्रदर्शन की सूचना पुलिस तक पहुंच चुकी है, लेकिन अनुमति का इंतजार है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है—क्या 10 अक्टूबर को CJP को दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन की इजाजत मिलेगी, या पुलिस धारा 163 का हवाला देकर इस पर रोक लगाएगी?

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