10 अक्टूबर से पहले दिल्ली में बढ़ी हलचल: ‘पहलवान और जिम वाले लड़के लठ लेकर चलें जंतर-मंतर’, वायरल अपील से नया विवाद

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले विरोध में लोगों को जुटाने की अपील, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

Oct 7, 2026 - 14:52
10 अक्टूबर से पहले दिल्ली में बढ़ी हलचल: ‘पहलवान और जिम वाले लड़के लठ लेकर चलें जंतर-मंतर’, वायरल अपील से नया विवाद

नई दिल्ली। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में माहौल गरमाता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में हरियाणा के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कुमुद राव उर्फ रिंकू यादव ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के पहलवानों तथा जिम जाने वाले युवाओं से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। विवाद इस बात को लेकर है कि वीडियो में लोगों से लठ लेकर आने की बात भी कही गई है।

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वायरल वीडियो में रिंकू यादव हाथ में डंडा लिए नजर आता है। वह CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन का विरोध करते हुए पहलवानों और जिम करने वाले युवाओं से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने को कहता है। वीडियो में इस्तेमाल की गई आक्रामक भाषा के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि CJP समर्थकों के साथ उसके विरोधी भी बड़ी संख्या में एक ही स्थान पर पहुंचते हैं तो स्थिति को नियंत्रित करना दिल्ली पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है।

‘50 तगड़े लड़के खड़े हो जाएं...’

वीडियो में रिंकू यादव कथित तौर पर कहता है कि अगर उसके साथ 50 मजबूत लड़के खड़े हो जाएं तो पुलिस की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही CJP से जुड़े लोगों को लेकर भी आपत्तिजनक और आक्रामक बातें कही गई हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

हालांकि किसी व्यक्ति की ओर से सोशल मीडिया पर की गई अपील और वास्तव में लोगों के जंतर-मंतर पहुंचने के बीच अंतर है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस आह्वान के बाद कितने लोग 10 अक्टूबर को वहां पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।

उधर CJP भी कर रही बड़े प्रदर्शन की तैयारी

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी की है। संगठन की ओर से दिल्ली पुलिस को प्रस्तावित प्रदर्शन की जानकारी दी जा चुकी है और उसकी प्राप्ति भी हुई है, लेकिन प्रदर्शन की अनुमति को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

CJP के सौरव दास का कहना है कि इस बार प्रदर्शन को केवल संगठन के कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि ‘Gen-Z प्रोटेस्ट’ के तौर पर किया जाएगा। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहा है और उसका कहना है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

एक ही जगह समर्थक और विरोधी पहुंचे तो क्या होगा?

अब सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था का है। एक तरफ CJP अपने समर्थकों को 10 अक्टूबर को जुटाने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसके विरोध में पहलवानों और जिम जाने वाले युवाओं को कथित तौर पर लठ लेकर जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की जा रही है।

नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू होने के बीच इस तरह की अपील पुलिस के लिए और संवेदनशील मामला बन सकती है। किसी भी पक्ष की ओर से हथियार या लाठी-डंडे लेकर भीड़ जुटाने की कोशिश कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर चिंता पैदा कर सकती है।

पहले भी CJP के प्रदर्शन में हो चुका है टकराव

CJP के पिछले प्रदर्शनों को देखते हुए भी पुलिस के सामने चुनौती कम नहीं है। जुलाई में हुए ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। वहीं 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए थे, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

अब 10 अक्टूबर से पहले सोशल मीडिया पर विरोधी समूहों को जुटाने की अपील ने मामले में नया मोड़ ला दिया है। ऐसे में निगाह दिल्ली पुलिस पर है कि वह प्रस्तावित CJP प्रदर्शन और उसके विरोध में सामने आ रहे आह्वान को देखते हुए क्या कदम उठाती है और जंतर-मंतर पर किसी संभावित टकराव को रोकने के लिए किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था की जाती है।

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