कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 161 अंक फिसला

May 16, 2026 - 04:44
कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 161 अंक फिसला

कमजोर वैश्विक बाजार संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के कारण मुनाफावसूली की वजह से सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार दिन के उतार-चढ़ाव के बाद गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस तरह, घरेलू बाजार की दो दिन की लगातार बढ़त का सिलसिला शुक्रवार को समाप्त हो गया।

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बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 160.73 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 75,237.99 पर था, तो वहीं निफ्टी 50 46.10 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 23,643.50 पर पहुंच गया।

दिन के दौरान, सेंसेक्स 75,497.10 पर खुलकर 75,870.36 का दिन का हाई छुआ तो वहीं 75,139.41 के इंट्रा-डे लो पर पहुंच गया। जबकि निफ्टी 50 23,731.40 पर खुलकर 23,839.30 के दिन के उच्चतम स्तर और 23,610.30 के निचले स्तर को छुआ।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इेंडेक्स में 0.45 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसयू बैक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में सबसे ज्यादा 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। वहीं, निफ्टी मीडिया (1.98 प्रतिशत की तेजी) और निफ्टी आईटी (1.30 प्रतिशत की तेजी) में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा में भी अच्छी तेजी देखी गई, वहीं निफ्टी ऑटो में मामूली तेजी देखी गई।

निफ्टी50 इंडेक्स में टीएमपीवी, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, इंफोसिस, कोल इंडिया, टेक महिंद्रा, कोटक बैंक, पावरग्रिड, मारुति सुजुकी इंडिया, भारती एयरटेल और विप्रो के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली और ये टॉप गेनर्स में शामिल रहे। वहीं इसके विपरीत, हिंडाल्को, इटरनल, नेस्ले इंडिया, टाटा स्टील, रिलायंस, अल्ट्राटेक सीमेंट और एमएंडएम के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

इस दौरान, बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 462.9 लाख करोड़ रुपए से घटकर 460.5 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों को एक ही सत्र में 2.4 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड के मई वायदा अनुबंध में 2.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 108.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

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