वेनेजुएला संकट से बढ़ सकती है सुरक्षित निवेश की मांग, सोने-चांदी की कीमतों में आ सकती है तेजी

Jan 5, 2026 - 05:13
वेनेजुएला संकट से बढ़ सकती है सुरक्षित निवेश की मांग, सोने-चांदी की कीमतों में आ सकती है तेजी

दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला से जुड़े एक बड़े भू-राजनीतिक झटके के बाद साल 2026 का पहला पूरा कारोबारी हफ्ता वैश्विक बाजारों के लिए तनाव भरा हो सकता है।  


शुक्रवार देर रात अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला करते हुए वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला पर अब अमेरिका का कब्जा है। उन्होंने कहा कि जब तक वहां हालात स्थिर नहीं हो जाते, वेनेजुएला को अमेरिका ही चलाएगा।

अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर नशीले पदार्थों की तस्करी का आरोप लगाया है। ये एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना है।

इस घटना के बाद निवेशकों का ध्यान सुरक्षित निवेश की चीजों जैसे सोना और चांदी पर ज्यादा चला गया है। वहीं, तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका है, क्योंकि तेल की सप्लाई में रुकावट आने का डर है।

साथ ही इससे ऊर्जा बाजार (तेल और गैस) में हलचल हो सकती है और लोग ज्यादा सुरक्षित निवेश की ओर जा सकते हैं।

साल 2026 की शुरुआत सोने के लिए अच्छी रही। सोने की कीमत 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर लगभग 4,370 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई। इसकी वजह वैश्विक तनाव और यह उम्मीद है कि इस साल अमेरिका ब्याज दरें कम कर सकता है।

वहीं, चांदी की कीमत भी 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी और करीब 73 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। डॉलर की कमजोरी, चांदी की कमी और फैक्ट्रियों में बढ़ती मांग से कीमतों को सहारा मिला।

हालांकि, पूरे हफ्ते को देखें तो पिछले साल की तेज बढ़त के बाद सोना और चांदी में मुनाफावसूली भी हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगभग 5 प्रतिशत और चांदी 8 प्रतिशत से ज्यादा गिर गई।

भारत में, एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स की कीमतों में हफ्ते की शुरुआत में तेज गिरावट देखी गई। यह पिछले दो महीनों की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट थी, जिसके बाद कीमतें ज्यादा ऊपर-नीचे नहीं हुईं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सोने की कीमतें एक तय स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो फिर से बढ़ सकती हैं। लेकिन अगर ये स्तर टूट गया, तो कीमतों में और गिरावट आ सकती है।

तेल की कीमतें भी साल की शुरुआत में बढ़ीं। डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल हफ्ते के अंत में लगभग 57.3 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। साल 2025 में तेल की कीमतें लगभग 20 प्रतिशत गिर गई थीं, क्योंकि बाजार में तेल ज्यादा था।

अब वेनेजुएला से जुड़ा तनाव और रूस-यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमलों से तेल बाजार में जोखिम बढ़ गया है।

साल की शुरुआत में बेस मेटल्स (जैसे तांबा और एल्यूमीनियम) की कीमतों में भी तेजी देखी गई। तांबा रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया और एल्युमिनियम 2022 के बाद पहली बार 3,000 डॉलर प्रति टन के पार चला गया। एशियाई बाजारों में मजबूत मांग से इनकी कीमतों को सहारा मिला।

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