चीन से बाहर पिक्सल उत्पादन शिफ्ट करने की तैयारी में गूगल, 2027 तक पूरी मैन्युफैक्चरिंग हटाने की योजना: रिपोर्ट

Aug 18, 2026 - 09:53
चीन से बाहर पिक्सल उत्पादन शिफ्ट करने की तैयारी में गूगल, 2027 तक पूरी मैन्युफैक्चरिंग हटाने की योजना: रिपोर्ट

अमेरिका और चीन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव तथा वैश्विक सप्लाई चेन में विविधीकरण की रणनीति के तहत अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल अपने पिक्सल स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच और वायरलेस ईयरबड्स के उत्पादन को चीन से बाहर स्थानांतरित करने की योजना पर काम कर रही है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य 2027 तक पिक्सल उत्पादों का पूरा उत्पादन चीन से बाहर ले जाना है।

अब खबरें आपके मोबाइल पर!
Tehelka Khabar App डाउनलोड करें और ताज़ा खबरों से जुड़े रहें।

निक्केई एशिया की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि गूगल ने पिछले कुछ वर्षों में वियतनाम और भारत में अपनी विनिर्माण क्षमता का विस्तार किया है और अब उसे भरोसा है कि वह 2027 तक पिक्सल डिवाइसों का संपूर्ण उत्पादन चीन से बाहर स्थानांतरित कर सकती है।

हालांकि वर्तमान में गूगल के उत्पादन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अब भी चीन में होता है, लेकिन कंपनी ने इस वर्ष वियतनाम में अपने प्रीमियम पिक्सल स्मार्टफोनों के सफल विकास और उत्पादन के बाद अगला कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हाई-एंड स्मार्टफोन का निर्माण स्मार्टवॉच और वायरलेस ईयरबड्स की तुलना में अधिक जटिल होता है, इसलिए पिक्सल स्मार्टफोनों का सफल उत्पादन स्थानांतरण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

यदि यह रणनीति सफल रहती है, तो सैमसंग के बाद गूगल दुनिया की दूसरी बड़ी स्मार्टफोन कंपनी बन जाएगी, जिसने अपने स्मार्टफोन उत्पादन को पूरी तरह चीन से बाहर स्थानांतरित कर दिया हो।

रिपोर्ट के अनुसार, गूगल के लिए यह बदलाव अपेक्षाकृत आसान हो सकता है क्योंकि कंपनी चीन में पिक्सल स्मार्टफोन नहीं बेचती। ऐसे में उसे स्थानीय उत्पादन बनाए रखने की उतनी आवश्यकता नहीं है जितनी कुछ अन्य वैश्विक ब्रांडों को होती है।

इस बीच कंपनी पिक्सल स्मार्टफोनों की बिक्री बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल ने अपने आपूर्तिकर्ताओं को संकेत दिया है कि वह इस वर्ष पिक्सल की शिपमेंट में 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखती है। पिछले वर्ष कंपनी ने लगभग 1.2 करोड़ पिक्सल डिवाइस की शिपमेंट की थी।

विश्लेषकों का मानना है कि गूगल पिक्सल स्मार्टफोन को केवल एक हार्डवेयर उत्पाद नहीं, बल्कि अपने जेमिनी एआई इकोसिस्टम के विस्तार का माध्यम मानती है। कंपनी का विश्वास है कि अधिक पिक्सल उपयोगकर्ता सीधे तौर पर उसके एआई उत्पादों और सेवाओं के उपयोग को बढ़ावा देंगे। इसी वजह से वह बढ़ती कंपोनेंट लागतों, विशेषकर मेमोरी चिप की ऊंची कीमतों, के बावजूद उत्पादन और बिक्री बढ़ाना चाहती है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बेहतर शिपमेंट वॉल्यूम गूगल को मेमोरी चिप आपूर्तिकर्ताओं के साथ मूल्य वार्ता में अधिक ताकत प्रदान कर सकते हैं। इसी उद्देश्य से कंपनी अपने क्लाउड कंप्यूटिंग कारोबार और स्मार्टफोन व्यवसाय के लिए आवश्यक चिप ऑर्डरों को एक साथ जोड़कर माइक्रोन, सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसे निर्माताओं के साथ बातचीत कर रही है।

गूगल के एक कंपोनेंट सप्लायर से जुड़े अधिकारी के अनुसार, कंपनी उन चुनिंदा स्मार्टफोन निर्माताओं में शामिल है जिन्होंने इस वर्ष अपने शिपमेंट लक्ष्य में कटौती नहीं की है। इसके विपरीत, वह बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि एप्पल भविष्य में आईफोन की कीमतों में वृद्धि करता है, तो गूगल को अमेरिका, जापान और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में अतिरिक्त बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का अवसर मिल सकता है।

यह कदम वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में चल रहे उस बड़े बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीन पर अपनी विनिर्माण निर्भरता कम कर भारत, वियतनाम और अन्य देशों में उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही हैं। गूगल की इस रणनीति से भारत को भी उन्नत स्मार्टफोन विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के क्षेत्र में लाभ मिलने की संभावना है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow