जीआरएसई पश्चिम बंगाल में 2,600 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेगी, रायचक में लार्ज वैसल शिपयार्ड बनेगा

Aug 24, 2026 - 04:22
जीआरएसई पश्चिम बंगाल में 2,600 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेगी, रायचक में लार्ज वैसल शिपयार्ड बनेगा

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कमोडोर पी.आर.हरि (सेवानिवृत्त) ने रविवार को कहा कि कंपनी पश्चिम बंगाल में 2,600 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करने जा रही है। इसके तहत तीन शिपयार्ड को विकसित किया जाएगा।

अब खबरें आपके मोबाइल पर!
Tehelka Khabar App डाउनलोड करें और ताज़ा खबरों से जुड़े रहें।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से एक्सक्लूसिव बातचीत में जीआरएसई चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ने बताया कि कंपनी पश्चिम बंगाल में तीन फैसिलिटी में 2,670 करोड़ रुपए निवेश करने जा रही है। इसके तहत हम दक्षिण 24 परगना जिले में पड़ने वाले रायचक में एक स्वतंत्र शिपयार्ड बनाएंगे। इसमें बड़े साइज के वैसल बनाए जाएंगे।

इसके अलावा कंपनी कोलकाता और हावड़ के शालीमार में मौजूद अपनी फैसिलिटी के इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करेगी। इसमें से एक में कंपनी मध्यम और छोटी साइज के शिप का निर्माण करेगी। वहीं, अन्य में हम बोट, फैरी और एस टाइप के शिप पर काम करेंगे।

युद्धपोत बनाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में जीआरएसई चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में भारत पहले ही आत्मनिर्भर है। अब तक देश में 270 युद्धपोत बने हैं, जिसमें से 40 प्रतिशत का निर्माण जीआरएसई ने किया है। पिछले 3 प्रोजेक्ट्स में हमने 80 प्रतिशत तक स्वदेशीकरण हासिल किया है, हमारी कोशिश बाकी बचे 20 प्रतिशत में भी स्वदेशीकरण हासिल करना है।

उन्होंने आगे कहा कि पहले के समय में शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट में 5-10 साल का समय लगता था, लेकिन अब काम काफी तेजी से हो रहा है। आखिरी जो दो प्रोजेक्ट हमने डिलीवर किए हैं, वे शेड्यूल से पहले किए गए हैं।

हरि ने आगे बताया कि हमारा डिजाइन भी काफी मैच्योर है, जब टेक्नोलॉजी में कोई बदलाव आता है तो हम उसे आसानी से अपग्रेड करके ग्राहक को दे पाते हैं।

जीआरएसई के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ने आगे बताया कि कंपनी राज्य की सबसे बड़ी हेवी इंजीनियरिंग यूनिट है।

उन्होंने आगे कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हमेशा हमारे साथ खड़े रहे हैं और हम इसके लिए उनके आभारी हैं। 2019 से, जीआरएसई ने 24 युद्धपोत लॉन्च किए हैं और उनमें से 22 की डिलीवरी की है। अब हमारे पास एक साथ अलग-अलग क्लास के 28 जहाज बनाने की क्षमता है।

नई सुविधाएं तैयार होने के बाद, जीआरएसई की क्षमता बढ़कर 32 प्लेटफॉर्म तक हो जाएगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow