सैक्टर 10 से सेक्टर-16B तक हरियाली का संकल्प, विश्व पर्यावरण दिवस पर 1.34 लाख पौधों के लक्ष्य की ओर बढ़ा ग्रेटर नोएडा

Jun 6, 2026 - 06:11
सैक्टर 10 से सेक्टर-16B तक हरियाली का संकल्प, विश्व पर्यावरण दिवस पर 1.34 लाख पौधों के लक्ष्य की ओर बढ़ा ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रेटर नोएडा में हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। शहर के प्रमुख आवासीय क्षेत्र सैक्टर 10 के आसपास तथा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-16B में विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इसके साथ ही सेक्टर-16A में भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान की शुरुआत करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सांसद ने स्वयं पौधा लगाकर लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।

सैक्टर 10 बना पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक

ग्रेटर नोएडा वेस्ट का तेजी से विकसित हो रहा आवासीय क्षेत्र सैक्टर 10 अब केवल आधुनिक आवासीय परियोजना ही नहीं बल्कि हरित विकास के उदाहरण के रूप में भी उभर रहा है। कोको काउंटी के बराबर में हरित पट्टी में बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए और निवासियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया गया।

तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच कोको काउंटी जैसे क्षेत्रों में हरित पट्टी (Green Belt) का विकास बेहद आवश्यक है। इससे वायु गुणवत्ता बेहतर होगी, तापमान नियंत्रित रहेगा, धूल और प्रदूषण में कमी आएगी तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।

सेक्टर-16B और सेक्टर-16A में लगाए गए पौधे

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-16B स्थित ग्रीन बेल्ट में बड़े स्तर पर पौधरोपण किया गया। इसके अलावा सेक्टर-16A में भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को पेड़ बनने तक संरक्षित करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने पौधों की नियमित सिंचाई और संरक्षण पर विशेष जोर दिया।

1.34 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य

प्राधिकरण ने इस वर्ष लगभग 1.34 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन है। विभिन्न आरडब्ल्यूए, सामाजिक संगठन, स्कूल, कॉलेज और स्थानीय नागरिक इसमें शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान दे रहे हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत कब और कैसे हुई?

विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने वर्ष 1972 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में आयोजित स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस ऑन ह्यूमन एनवायरनमेंट के दौरान की थी। इसके बाद पहला विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 1973 को मनाया गया। इस पहल का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) करता है।

आज विश्व पर्यावरण दिवस दुनिया के सबसे बड़े पर्यावरण जागरूकता अभियानों में शामिल है और 150 से अधिक देशों में इसे मनाया जाता है।

पर्यावरण बचाना क्यों जरूरी है?

पर्यावरण केवल पेड़-पौधों तक सीमित नहीं है। स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी, उपजाऊ भूमि, जैव विविधता और मानव जीवन का अस्तित्व सीधे पर्यावरण पर निर्भर करता है। बढ़ता प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जंगलों की कटाई और जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के लिए चुनौती बन चुके हैं।

यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में जल संकट, भीषण गर्मी, प्राकृतिक आपदाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भारी वृद्धि हो सकती है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

एक व्यक्ति को कितने पेड़ लगाने चाहिए?

हर व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कम से कम 10 से 20 पेड़ लगाने और उन्हें जीवित रखने का संकल्प लेना चाहिए। यदि दैनिक स्तर पर सोचें तो कोई व्यक्ति हर दिन पेड़ नहीं लगा सकता, लेकिन साल में कम से कम 2 से 5 पौधे लगाकर उनकी देखभाल करना एक व्यावहारिक और प्रभावी कदम माना जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात पौधे लगाना नहीं बल्कि उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करना है।

अधिकारियों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

वृक्षारोपण अभियान के दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में डीजीएम उद्यान एस.के. जैन, सहायक निदेशक उद्यान यशपाली सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक रामकुमार, श्याम प्रसाद तथा अवर अभियंता हरेंद्र सिंह ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अधिकारियों ने पौधरोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

हरियाली ही भविष्य की सुरक्षा

विश्व पर्यावरण दिवस का संदेश स्पष्ट है—यदि पृथ्वी को बचाना है तो पेड़ लगाने होंगे, जल स्रोतों को संरक्षित करना होगा और प्रदूषण को कम करना होगा। ग्रेटर नोएडा के कोको काउंटी, सेक्टर-16B और सेक्टर-16A में शुरू हुआ यह अभियान केवल पौधरोपण कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य की नींव है।

"एक पेड़ आज, सुरक्षित कल" — यही विश्व पर्यावरण दिवस का सबसे बड़ा संदेश है।

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