तमिल नाडु में एनआईए का छापा: रामलिंगम हत्या मामले में कई लोगों की तलाशी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पीएमके नेता रामलिंगम की 2019 में हुई हत्या के मामले में तमिलनाडु के 21 स्थानों पर छापेमारी की। छापों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कई सदस्यों के घरों की तलाशी ली गई और डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गये।
चेन्नई: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पीएमके नेता रामलिंगम की हत्या के मामले में तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। 2019 में हुए इस हत्याकांड में, रामलिंगम को उनके धर्मांतरण विरोधी गतिविधियों के कारण मारा गया था। एनआईए ने राज्य के 21 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें कई डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
रामलिंगम की हत्या 5 फरवरी 2019 को थंजावुर जिले के पक्कू विनायकम थोप्पू में हुई थी। इस हत्या के पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्य और पदाधिकारियों का हाथ होने का आरोप है। एनआईए ने गिरफ्तारी के लिए 5 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
इस मामले में पहले भी एनआईए ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का मानना है कि यह हत्या विरोधियों में डर पैदा करने और नफ़रत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी।
एनआईए की अदालत ने पहले ही 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की हैं। एजेंसी का यह भी कहना है कि पीएफआई को भारत सरकार ने 28 सितंबर 2022 को एक ‘गैरकानूनी संगठन’ घोषित किया है।
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