पैरिस ओलंपिक मेडल टेली में भारत को पीछे छोड़ आगे निकला पाकिस्तान
पैरिस ओलंपिक्स 2024 में पाकिस्तान ने छोड़ा भारत को पीछे जबकि भारत ने कुल 5 मेडल्स जीते है वहीं पाकिस्तान ने 1 ही मेडल जीता। ऐसा इसलिए क्योंकि गोल्ड मेडल की महत्त्वता सिल्वर और ब्रोंज से कही ज़्यादा होती है। भारत ने 4 कास्य एवम् 1 रजत जीता।
पेरिस ओलंपिक 2024 का समापन नज़दीक आ गया है, और भारत ने कुल 5 मेडल्स जीते हैं - 4 कांस्य और 1 रजत। भारत के लिए गोल्ड मेडल की सबसे बड़ी उम्मीद नीरज चोपड़ा थे, लेकिन वो पाकिस्तान के अरशद नदीम से हार गए, जिन्होंने भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीता।पाकिस्तान रैंकिंग स्तर पर 53 पर है वहीं भारत 64 पर ही रह गया है।
इस वजह से पाकिस्तान ने मेडल टैली में भारत को पीछे छोड़ दिया। पेरिस ओलंपिक के 13वें दिन के बाद, पाकिस्तान 53वें स्थान पर था, जबकि भारत 64वें स्थान पर चला गया, भले ही भारत के पास पाकिस्तान से ज़्यादा मेडल्स थे। ऐसा सिर्फ़ इसलिए हुआ क्योंकि ओलंपिक की रैंकिंग सिस्टम में गोल्ड मेडल की गिनती सबसे ज़्यादा मायने रखती है।
ओलंपिक गेम्स में कंट्रीज़ की सक्सेस को गोल्ड मेडल्स की संख्या से मापा जाता है। एक देश जिसने सिर्फ़ एक गोल्ड जीता हो, वो उस देश से ऊपर होता है जिसने 10 सिल्वर या ब्रॉन्ज मेडल्स जीते हों। सिल्वर और ब्रॉन्ज की गिनती तब ही होती है जब दो देशों के गोल्ड मेडल्स बराबर हों।
भाला फेंक प्रतियोगिता में अरशद नदीम ने पाकिस्तान के लिए चार दशकों बाद पहला गोल्ड मेडल जीता और एक नया ओलंपिक रिकॉर्ड भी बनाया। इससे पहले पाकिस्तान ने कभी भी व्यक्तिगत ओलंपिक गोल्ड मेडल नहीं जीता था। पाकिस्तान ने ओलंपिक इतिहास में कुल 3 गोल्ड मेडल जीते हैं, वो भी फील्ड हॉकी में - 1960, 1968 और 1984 में।
पाकिस्तान के इतिहास में सिर्फ़ दो एथलीट्स ने व्यक्तिगत ओलंपिक मेडल्स जीते हैं, और वो भी ब्रॉन्ज - 1960 में कुश्ती और 1988 में बॉक्सिंग में। पाकिस्तान का आखिरी ओलंपिक मेडल 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक में आया था, जब उनकी फील्ड हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज जीता था।
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