योगी सरकार के कांवड़ यात्रा वाले नेमप्लेट फैसले पर पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह का बड़ा बयान

उत्तर प्रदेश के पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने योगी सरकार के कांवड़ यात्रा के दौरान नेमप्लेट लगाने के फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि कांवड़ियों को यह जानने का अधिकार है कि भोजनालय किसके द्वारा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश को पारदर्शिता और सार्वजनिक जानकारी के सिद्धांतों पर आधारित बताया। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर तुष्टीकरण और धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए चुनौती दी कि वे मुजफ्फरनगर और कवाल दंगों में मुआवजा पाने वालों की सूची सार्वजनिक करें।

Jul 20, 2024 - 05:52
Jul 21, 2024 - 06:23
योगी सरकार के कांवड़ यात्रा वाले नेमप्लेट फैसले पर पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह का बड़ा बयान

उत्तर प्रदेश के पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने योगी सरकार के कांवड़ यात्रा वाले नेमप्लेट फैसले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि कांवड़ियों को यह जानने का अधिकार है कि श्रीराम भोजनालय किसके द्वारा संचालित किया जा रहा है। उनके अनुसार, "कांवड़ियों को पता होना चाहिए कि श्रीराम भोजनालय शाहबुद्दीन चला रहा है। मैं जहां भोजन कर रहा हूं, वहां भी लोगों को पता होना चाहिए कि वह भोजनालय किसका है।"

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कुंवर बृजेश सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस आदेश का समर्थन करते हुए कहा, "सीएम योगी का आदेश है, इसमें बुराई क्या है?" उन्होंने कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता और सार्वजनिक जानकारी के सिद्धांतों पर आधारित है। यह कदम सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि जनता को स्पष्ट जानकारी मिल सके कि सरकारी या सार्वजनिक स्थानों पर कौन से व्यक्ति या संगठन सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

कुंवर बृजेश सिंह ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और उनके परिवार ने तुष्टीकरण और धर्म के नाम पर राजनीति की है। सिंह ने कहा, "अखिलेश के परिवार ने तुष्टीकरण और धर्म के नाम पर राजनीति की है।" उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती दी कि वे मुजफ्फरनगर और कवाल दंगों में मुआवजा पाने वालों की सूची सार्वजनिक करें।मुजफ्फरनगर और कवाल दंगे उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा हैं। इन दंगों में हुए नुकसान और प्रभावित लोगों को मुआवजा देने का मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। कुंवर बृजेश सिंह ने इस संदर्भ में अखिलेश यादव को चुनौती देकर यह मामला फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

कुंवर बृजेश सिंह के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि योगी सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान नेमप्लेट लगाने का फैसला इसी दिशा में एक कदम है। इससे कांवड़ियों को यह जानकारी मिल सकेगी कि वे जिन स्थानों पर जा रहे हैं, वहां किसका योगदान है। अखिलेश यादव पर लगाए गए आरोप और दी गई चुनौती ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अखिलेश यादव इस चुनौती का क्या जवाब देते हैं और मुजफ्फरनगर और कवाल दंगों के मुआवजे के मामले में क्या नई जानकारियां सामने आती हैं।

 

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