आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से 104 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड जुड़े: सरकार

Jul 6, 2026 - 17:22
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से 104 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड जुड़े: सरकार

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) ने दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य नेटवर्क में अपनी जगह बना ली है। सरकार द्वारा सोमवार को जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, अब तक 104 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड को 93 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) से जोड़ा जा चुका है।

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फैक्टशीट के अनुसार, यह मिशन नागरिकों को केंद्र में रखकर एक डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित कर रहा है। इसके जरिए मरीज अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से प्रबंधित कर सकते हैं, अस्पतालों में कागजी प्रक्रिया कम होती है, पंजीकरण और इलाज के लिए इंतजार का समय घटता है तथा मरीजों, अस्पतालों, डॉक्टरों और बीमा कंपनियों के बीच एकीकृत डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से बेहतर समन्वय स्थापित होता है।

सितंबर 2021 में शुरू किए गए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य देश भर में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए आवश्यक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ, प्रभावी और आपस में जुड़ी हुई (इंटरऑपरेबल) बन सकें।

मिशन के तहत आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) प्रत्येक नागरिक के लिए एक विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी के रूप में काम करता है। मरीज की सहमति के आधार पर यह आईडी उसके मेडिकल रिकॉर्ड को अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, बीमा कंपनियों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से सुरक्षित रूप से जोड़ती है।

सरकार ने हाल ही में आरोग्य सेतु 2.0 को भी एबीडीएम के तहत नागरिकों के लिए एक डिजिटल स्वास्थ्य एप्लिकेशन के रूप में लॉन्च किया है, जिसके जरिए उपयोगकर्ता एबीएचए अकाउंट बना सकते हैं, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड का प्रबंधन कर सकते हैं, टेली-कंसल्टेशन और अस्पताल की अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं, बीमा संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, आसपास की स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ले सकते हैं और वियरेबल डिवाइस के जरिए अपने स्वास्थ्य की निगरानी भी कर सकते हैं।

फैक्टशीट में आगे कहा गया है कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) की 'स्कैन एंड शेयर' सेवा ने अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण की प्रक्रिया को काफी तेज बना दिया है। 18 जून तक देश भर के स्वास्थ्य संस्थानों में 23.21 करोड़ से अधिक एबीएचए-लिंक्ड डिजिटल टोकन जारी किए जा चुके थे।

सरकार के अनुसार, 18 जून तक इस मिशन के तहत अस्पतालों को 107 करोड़ रुपए से अधिक, डायग्नोस्टिक सेंटर, लैब और फार्मेसी को 2.95 करोड़ रुपए से अधिक, जबकि डिजिटल समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को 26 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की जा चुकी है।

इसके अलावा, 2,200 से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को 'ई-सुश्रुत क्लिनिक' प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। यह सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डीएसी) द्वारा विकसित एक हल्का हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) है, जो छोटे क्लीनिकों को मरीजों के रिकॉर्ड और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण करने में मदद करता है।

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