दलपत खिड़की पर नोटिस के बाद भी धड़ल्ले से अवैध निर्माण, प्राधिकरण से मिलीभगत की आशंका
राहुल शर्मा।
मथुरा। धर्मनगरी की तंग गलियों में एक बार फिर नियमों की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं। शहर के बेहद व्यस्त और ऐतिहासिक क्षेत्र होली गेट के पास दलपत खिड़की पर कथित अवैध निर्माण खुलेआम जारी है। हैरानी इस बात की है कि संबंधित प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य रुकने के बजाय और तेज़ी से आगे बढ़ता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “जब नोटिस के बाद भी काम नहीं रुकता, तो समझ लीजिए कहीं न कहीं संरक्षण जरूर है।” सवाल यह उठ रहा है कि क्या नियम सिर्फ कागज़ों तक सीमित हैं? क्या कार्रवाई का डर अब खत्म हो चुका है?
सबसे बड़ा प्रश्न यह भी है कि क्या प्रशासन ने हाल ही में रूकमणि विहार में हुई भीषण आगजनी से कोई सबक लिया? वहां आवासीय नक्शा पास कराकर होटल खड़ा कर दिया गया और फिर हादसे ने कई जिंदगियों को खतरे में डाल दिया। इसके बावजूद वृंदावन में बड़ी संख्या में कथित अवैध होटल आज भी संचालित बताए जा रहे हैं। क्या नियमों की अनदेखी की यह आदत किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है?
सूत्रों के मुताबिक, इस अवैध निर्माण के पीछे प्राधिकरण के एक कंप्यूटर ऑपरेटर से संभावित सांठगांठ की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। चर्चा यह कि क्या इसी कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही? क्या ऑनलाइन अभिलेखों में हेरफेर कर फाइलों को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है? हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सवालों की आग लगातार भड़क रही है।
होली गेट क्षेत्र न केवल ऐतिहासिक है बल्कि यातायात और सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे इलाके में बिना अनुमति निर्माण न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ है।
स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका साफ कहना है कि यदि समय रहते अवैध निर्माण पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
अब निगाहें प्राधिकरण पर टिकी हैं—क्या इस बार भी नोटिस कागज़ी खानापूर्ति बनकर रह जाएगा, या फिर कानून सचमुच अपना असर दिखाएगा?
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