दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी गर्मी की मार: गिग वर्कर्स के लिए खतरा, दोपहर में काम रोकने की मांग
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में इस बार गर्मी ने तय समय से पहले ही दस्तक दे दी है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ सड़कों पर काम करने वाले लाखों गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार बढ़ते तापमान ने खासकर दोपहर के समय काम करना बेहद कठिन बना दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जिससे हालात और गंभीर होने की आशंका है। फिलहाल भी तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच बना हुआ है, जबकि उमस के कारण महसूस होने वाली गर्मी इससे कहीं अधिक है।
गिग वर्कर्स पर बढ़ता खतरा
डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर और अन्य ऐप-आधारित कर्मचारी भीषण गर्मी में लगातार काम करने को मजबूर हैं।
पर्याप्त आराम और सुरक्षा की कमी के चलते उन्हें हीट एग्जॉस्टशन, डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।
गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में काम करना कई बार जानलेवा साबित हो सकता है।
दोपहर में काम रोकने की मांग
यूनियन ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच गिग वर्कर्स का काम अस्थायी रूप से रोक दिया जाए।
यूनियन का तर्क है कि यह समय सबसे ज्यादा खतरनाक होता है, जब तापमान चरम पर रहता है।
सरकार से क्या मांगें रखी गईं?
यूनियन ने राहत के लिए कई सुझाव भी दिए हैं:
- शहर में छायादार विश्राम स्थलों का निर्माण
- पीने के साफ पानी की व्यवस्था
- आपातकालीन मेडिकल सुविधाओं की उपलब्धता
- बजट में घोषित विश्राम केंद्र और अटल कैंटीन को जल्द लागू करना
स्थिति गंभीर, त्वरित कदम जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो गर्मी का असर और खतरनाक हो सकता है।
ऐसे में गिग वर्कर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और कंपनियों दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती गर्मी अब सिर्फ मौसम की खबर नहीं रह गई है, बल्कि यह लाखों कामगारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है।
अब देखना होगा कि सरकार इस पर कितनी जल्दी और प्रभावी कार्रवाई करती है।
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