युवाओं, महिलाओं और स्थानीय नवाचारकर्ताओं में निवेश करके वैश्विक दक्षिण के लिए नए विकास मॉडल तैयार कर रहे हैं: अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी

Aug 26, 2026 - 09:42
युवाओं, महिलाओं और स्थानीय नवाचारकर्ताओं में निवेश करके वैश्विक दक्षिण के लिए नए विकास मॉडल तैयार कर रहे हैं: अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी

अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा है कि युवाओं, महिलाओं और स्थानीय स्तर पर नवाचार करने वाले लोगों में निवेश करके हम न केवल स्थानीय समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, बल्कि ऐसे विकास मॉडल तैयार कर रहे हैं जो पूरे वैश्विक दक्षिण के लिए उदाहरण बन सकते हैं। उन्होंने सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग, साझा सीख और मजबूत भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

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राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'एवीपीएन ग्लोबल कॉन्फ्रेंस 2026' को संबोधित करते हुए डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि आज की जटिल सामाजिक चुनौतियों का समाधान कोई एक संस्था या संगठन अकेले नहीं कर सकता। इसके लिए विभिन्न देशों, संस्थानों और सामाजिक संगठनों के बीच ज्ञान, अनुभव और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान आवश्यक है।

अदाणी समूह की सामाजिक विकास इकाई अदाणी फाउंडेशन, जो इस सम्मेलन की रणनीतिक भागीदार भी है, ने भारत मंडपम में आयोजित स्वागत समारोह की मेजबानी की, जिसमें देश-विदेश से आए लगभग 2,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा, "दुनिया भर से आए परोपकार और सामाजिक प्रभाव क्षेत्र के नेताओं का भारत में स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात है। ऐसे समय में जब दुनिया भारत और एशिया को विकास एवं अवसरों के नए केंद्र के रूप में देख रही है, पिछले तीन दशकों में अदाणी फाउंडेशन की यात्रा ने हमें यह सिखाया है कि स्थायी परिवर्तन तभी संभव है जब समुदायों को अपने भविष्य को स्वयं आकार देने के लिए सशक्त बनाया जाए।"

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सामाजिक चुनौतियां अधिक जटिल होती जा रही हैं, वैसे-वैसे एक-दूसरे से सीखने और सफल अनुभवों को साझा करने की आवश्यकता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि एवीपीएन जैसे मंच भारत के जमीनी अनुभवों को दुनिया तक पहुंचाने और एशिया सहित अन्य देशों के प्रेरणादायक विचारों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।

डॉ. अदाणी ने आगे कहा कि आज भारत के हर हिस्से में नवाचार हो रहा है। चाहे महानगर हों, कृषि मंडियां, शैक्षणिक परिसर या छोटे शहर, हर जगह नई सोच और समाधान विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, "चाहे कचरा प्रबंधन की समस्या हो, जलवायु परिवर्तन की चुनौती, सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं, बेहतर कृषि पद्धतियां या अंतिम व्यक्ति तक नवाचार पहुंचाने का लक्ष्य, भारतीय स्टार्टअप और नवाचारकर्ता देश की बड़ी और छोटी दोनों समस्याओं का समाधान खोजने में जुटे हुए हैं।"

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब अदाणी फाउंडेशन अपनी स्थापना के 30 वर्ष पूरे कर रहा है। एवीपीएन एशिया का सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव मंच माना जाता है, जहां 43 देशों और बाजारों से जुड़े 700 से अधिक संसाधन प्रदाता, नवाचारकर्ता और सहयोगी संस्थान सामाजिक विकास के लिए पूंजी और संसाधनों को संगठित करने का कार्य करते हैं।

अदाणी फाउंडेशन ने पिछले तीन दशकों में देश के 22 राज्यों के 7,200 से अधिक गांवों तक अपनी पहुंच बनाई है और 1.3 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। इसके साथ ही अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 60,000 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता भी घोषित की जा चुकी है।

डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि भारत जब 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, तब यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का लाभ आम लोगों और समुदायों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है जब वह अधिक अवसर, बेहतर जीवन और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करे।

उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों और स्थानीय समुदायों को केंद्र में रखकर किए जा रहे निवेश न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक दक्षिण के अन्य देशों के लिए भी प्रेरणादायक विकास मॉडल प्रस्तुत करेंगे।

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