Digital Census 2027: पहली बार खुद भरें अपनी जनगणना, राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने किया शुभारंभ
Live-in रिलेशन भी होंगे काउंट
भारत में जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इस बार कई बड़े बदलाव किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि लंबे समय से साथ रह रहे Live-in रिलेशन वाले कपल को भी विवाहित श्रेणी में शामिल किया जा सकता है, यदि वे अपने रिश्ते को स्थायी मानते हैं। इसके साथ ही पहली बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया में हिस्सा लेकर इस डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत की। सरकार का मानना है कि डिजिटल जनगणना से डेटा तेजी और अधिक सटीक तरीके से एकत्र किया जा सकेगा।
Live-in रिलेशन को मिला नया दर्जा
जनगणना 2027 में सामाजिक बदलाव को ध्यान में रखते हुए Live-in रिलेशन को भी शामिल किया गया है। यदि कोई कपल लंबे समय से साथ रह रहा है और अपने रिश्ते को स्थायी बताता है, तो उसे विवाहित माना जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे समाज की वास्तविक संरचना का सही डेटा मिल सकेगा।
पहली बार खुद भर सकेंगे जनगणना फॉर्म
इस बार लोगों को 15 दिन पहले अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन भरने की सुविधा दी गई है। इसके लिए एक विशेष पोर्टल तैयार किया गया है, जहां मोबाइल नंबर से लॉगिन कर घर और परिवार से जुड़ी जानकारी दर्ज की जा सकती है।
फॉर्म जमा करने के बाद एक यूनिक ID मिलेगी, जिसे घर आने वाले कर्मचारी को दिखाना होगा। कर्मचारी उसी ID के आधार पर जानकारी का सत्यापन करेगा।
33 सवालों के देने होंगे जवाब
जनगणना के दौरान घर, परिवार और सुविधाओं से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें पानी, बिजली, इंटरनेट, टीवी, मोबाइल, वाहन, रसोई, शौचालय और परिवार से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।
मोबाइल में FM सुविधा होने पर रेडियो माना जाएगा, जबकि मोबाइल पर यूट्यूब देखने को टीवी नहीं माना जाएगा। अलग किचन होने पर ही रसोई दर्ज की जाएगी।
16 भाषाओं में उपलब्ध पोर्टल
जनगणना पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा। लोग मैप पर अपने घर की लोकेशन चुनकर जानकारी भर सकेंगे।
यह सुविधा वैकल्पिक है। जो लोग ऑनलाइन जानकारी नहीं भरेंगे, उनसे सरकारी कर्मचारी घर जाकर जानकारी लेंगे।
जनगणना के दौरान इन 3 सवालों का जवाब न दें
सरकार के अनुसार जनगणना कर्मचारी आपसे केवल निर्धारित जानकारी ही पूछ सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति जनगणना के नाम पर नीचे दी गई निजी जानकारी मांगता है, तो सावधान रहें:
| सवाल का प्रकार | क्या न बताएं |
|---|---|
| आमदनी | महीने की सैलरी, कमाई या बैंक बैलेंस से जुड़ी जानकारी |
| दस्तावेज | आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य पहचान पत्र की कॉपी |
| बैंक डिटेल | बैंक खाता नंबर, ATM जानकारी या OTP |
क्यों जरूरी है सावधानी?
जनगणना प्रक्रिया में आपकी व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाती। यदि कोई व्यक्ति ऐसी जानकारी मांगता है तो यह धोखाधड़ी (Fraud) हो सकती है।
क्या करें?
- केवल आधिकारिक जनगणना कर्मचारी को ही जानकारी दें
- OTP, बैंक डिटेल या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें
- संदिग्ध स्थिति में स्थानीय प्रशासन को सूचना दें
डिजिटल डेटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित
सरकार ने जनगणना डेटा को अति संवेदनशील सूचना बुनियादी ढांचा (CII) श्रेणी में रखा है।
डेटा को वही सुरक्षा दी जाएगी जो परमाणु संयंत्र और सैन्य नेटवर्क को दी जाती है। केवल अधिकृत अधिकारी ही डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से डेटा देख सकेंगे।
देश के विकास में मिलेगी मदद
सरकार का मानना है कि सही जनसंख्या डेटा मिलने से सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और शहरी विकास से जुड़ी नीतियां बेहतर बनाई जा सकेंगी।
Table 1 – जनगणना क्या है
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| जनगणना क्या है | देश की आबादी, परिवार, शिक्षा, भाषा, काम, लिंग, आयु आदि की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया |
| कितने साल में होती है | हर 10 साल में |
| कानून | जनगणना अधिनियम 1948 |
| भारत की पहली जनगणना | 1872 |
| आजाद भारत की पहली जनगणना | 1951 |
| आखिरी जनगणना | 2011 |
| कुल बार जनगणना | 15 बार |
| SC/ST डेटा | 1951 से लगातार गिनती |
| OBC डेटा | अभी तक नियमित रूप से नहीं |
| जातीय जनगणना | 2027 में प्रस्तावित |
| डेटा गोपनीयता | RTI के दायरे से बाहर |
| उपयोग | सरकारी योजनाएं, आरक्षण नीति, नीति निर्माण |
Table 2 – 15 मिनट में खुद भरें जानकारी (Self Enumeration Process)
| स्टेप | क्या करना होगा |
|---|---|
| लॉगिन | se.census.gov.in पोर्टल पर जाएं |
| रजिस्ट्रेशन | घर के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें |
| भाषा चयन | 16 भाषाओं में से एक भाषा चुनें |
| पता | मैप पर घर की लोकेशन मार्क करें |
| सवाल-जवाब | हाउस लिस्टिंग से जुड़े 33 सवालों के जवाब दें |
| सबमिट | डेटा चेक कर Final Submit करें |
| SE ID | सबमिट करते ही यूनिक ID मिलेगी |
| सत्यापन | कर्मचारी घर आकर ID से डेटा वेरीफाई करेगा |
Table 3 – जनगणना 2026-27 के 33 सवाल
| क्रम | सवाल |
|---|---|
| 1 | भवन नंबर |
| 2 | मकान नंबर |
| 3 | फर्श की सामग्री |
| 4 | दीवार की सामग्री |
| 5 | छत की सामग्री |
| 6 | मकान का उपयोग |
| 7 | मकान की स्थिति |
| 8 | परिवार क्रमांक |
| 9 | परिवार के सदस्यों की संख्या |
| 10 | परिवार के मुखिया का नाम |
| 11 | मुखिया का लिंग |
| 12 | SC/ST/अन्य |
| 13 | मकान का स्वामित्व |
| 14 | कमरों की संख्या |
| 15 | विवाहित दंपतियों की संख्या |
| 16 | पेयजल का मुख्य स्रोत |
| 17 | पानी की उपलब्धता |
| 18 | बिजली का स्रोत |
| 19 | शौचालय उपलब्धता |
| 20 | शौचालय का प्रकार |
| 21 | गंदे पानी की निकासी |
| 22 | स्नानघर उपलब्धता |
| 23 | LPG/PNG कनेक्शन |
| 24 | खाना पकाने का ईंधन |
| 25 | रेडियो |
| 26 | टीवी |
| 27 | इंटरनेट सुविधा |
| 28 | लैपटॉप/कंप्यूटर |
| 29 | मोबाइल फोन |
| 30 | साइकिल/स्कूटर |
| 31 | कार/जीप/वैन |
| 32 | मुख्य अनाज |
| 33 | मोबाइल नंबर |
Table 4 – राज्यवार जनगणना तिथि
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | स्व-गणना | हाउस लिस्टिंग |
|---|---|---|
| अंडमान, दिल्ली NDMC, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम | 1 अप्रैल – 15 अप्रैल | 16 अप्रैल – 15 मई |
| गुजरात, दादरा नगर हवेली, दमन दीव | 5 अप्रैल – 19 अप्रैल | 20 अप्रैल – 19 मई |
| उत्तराखंड | 10 अप्रैल – 24 अप्रैल | 25 अप्रैल – 24 मई |
| मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, अरुणाचल, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हरियाणा | 16 अप्रैल – 30 अप्रैल | 1 मई – 30 मई |
| बिहार | 17 अप्रैल – 1 मई | 2 मई – 31 मई |
| तेलंगाना | 26 अप्रैल – 10 मई | 11 मई – 9 जून |
| पंजाब | 30 अप्रैल – 14 मई | 15 मई – 13 जून |
| दिल्ली MCD, महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, झारखंड | 1 मई – 15 मई | 16 मई – 14 जून |
| उत्तरप्रदेश | 7 मई – 21 मई | 22 मई – 20 जून |
| जम्मू कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी | 17 मई – 31 मई | 1 जून – 30 जून |
| हिमाचल प्रदेश | 1 जून – 15 जून | 16 जून – 15 जुलाई |
| केरल, नागालैंड | 16 जून – 30 जून | 1 जुलाई – 30 जुलाई |
| तमिलनाडु, त्रिपुरा | 17 जुलाई – 31 जुलाई | 1 अगस्त – 30 अगस्त |
| असम | 2 अगस्त – 16 अगस्त | 17 अगस्त – 15 सितम्बर |
| मणिपुर | 17 अगस्त – 31 अगस्त | 1 सितम्बर – 30 सितम्बर |
What's Your Reaction?

