Noida में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, वेतन बढ़ाने की मांग पर हंगामा और आगजनी
देश की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले नोएडा में मजदूरों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। वेतन बढ़ाने, ओवरटाइम का पैसा और बुनियादी श्रमिक अधिकारों की मांग को लेकर हजारों मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कपड़ा ट्रेडर्स के कर्मचारियों की हड़ताल से शुरू हुआ विवाद अब कई फैक्ट्रियों तक फैल गया है। जानकारी के अनुसार करीब 83 जगहों पर 42 हजार मजदूरों ने प्रदर्शन किया। कई इलाकों में आगजनी, तोड़फोड़ और हंगामे की खबरें सामने आई हैं।
मजदूरों की मुख्य मांगें
मजदूरों का कहना है कि उन्हें समय पर पूरा वेतन नहीं मिलता और ओवरटाइम का भुगतान भी सही तरीके से नहीं किया जाता। मजदूरों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- न्यूनतम वेतन कानून के अनुसार सैलरी
- ओवरटाइम का दोगुना भुगतान
- हर महीने समय पर वेतन
- सप्ताह में एक दिन अवकाश
- सुरक्षित कार्यस्थल
छुट्टी के दिन भी काम कराने का आरोप
मजदूरों का आरोप है कि कई कंपनियां रविवार और राष्ट्रीय अवकाश के दिन भी काम कराती हैं। इससे श्रमिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सरकार ने लिया संज्ञान
मामला बढ़ने के बाद सरकार ने हाई पावर कमेटी बनाकर वेतन में करीब 21 प्रतिशत बढ़ोतरी का फैसला लिया है।
नया वेतन इस प्रकार तय किया गया:
- अकुशल मजदूर – 13,690 रुपये
- अर्द्धकुशल मजदूर – 15,059 रुपये
- कुशल मजदूर – 16,868 रुपये
हालांकि मजदूरों का कहना है कि महंगाई को देखते हुए कम से कम 20 हजार रुपये वेतन मिलना चाहिए।
पुलिस अलर्ट, कई हिरासत में
प्रदर्शन के बाद पूरे NCR में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। 500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है और CCTV फुटेज के आधार पर पहचान की जा रही है।
पहले भी हो चुका है आंदोलन
करीब 13 साल पहले 2013 में भी नोएडा में मजदूरों का उग्र आंदोलन हुआ था। उस समय भी कंपनियों को भारी नुकसान हुआ था।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मजदूरों को अपना हक पाने के लिए हर बार सड़क पर उतरना पड़ेगा।
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