Union Budget 2026: मिडिल क्लास से लेकर किसान और युवा तक—जानिए बजट की 10 बड़ी घोषणाएं
नई दिल्ली। देश का आम बजट (Union Budget 2026) लोकसभा में पेश कर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल (Modi 3.0) का तीसरा और अपने कार्यकाल का लगातार नौवां बजट प्रस्तुत किया। बजट भाषण में सरकार ने किसानों की समृद्धि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर विशेष फोकस रखा है।
हालांकि मिडिल क्लास को टैक्स में सीधी राहत नहीं मिली, लेकिन कई क्षेत्रों में किए गए ऐलानों से आम जनता को अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मिडिल क्लास को टैक्स राहत नहीं
बजट 2026 में मिडिल क्लास को स्टैंडर्ड डिडक्शन या इनकम टैक्स स्लैब में किसी तरह की राहत नहीं दी गई है। स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग को सरकार ने इस बार भी स्वीकार नहीं किया। इससे टैक्सपेयर्स को निराशा हाथ लगी है।
हालांकि, आवश्यक दवाओं पर सीमा शुल्क समाप्त किए जाने और कई उपभोक्ता वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाए जाने से महंगाई के मोर्चे पर कुछ राहत मिलने की संभावना है।
जरूरी दवाएं और रोजमर्रा का सामान हो सकता है सस्ता
वित्त मंत्री ने बजट में कैंसर, डायबिटीज सहित 17 आवश्यक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी समाप्त करने की घोषणा की है। इसके अलावा मोबाइल फोन, जूते-चप्पल और अन्य उपभोक्ता उत्पादों पर सीमा शुल्क घटाने से इनके दाम कम हो सकते हैं।
MSMEs के लिए 10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड
छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के MSME Growth Fund की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य इन इकाइयों को सशक्त बनाकर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देना है।
हेल्थ सेक्टर में निवेश और रोजगार पर जोर
बजट 2026 में हेल्थ और मेडिकल सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार पांच मेडिकल हब विकसित करेगी, जहां निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी। इन हब्स में आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक सेवाएं, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
किसानों के लिए एग्रीकल्चर और पशुपालन पर फोकस
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं। पशुपालन क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। दुग्ध, पोल्ट्री और पशु व्यवसायों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जाएगा। नारियल और चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लाई जाएंगी। साथ ही किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए AI आधारित एग्री टूल्स के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
रक्षा बजट में बढ़ोतरी, आधुनिकीकरण पर जोर
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें सेना के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और मजबूत करना है।
खेल और युवाओं के लिए नई योजनाएं
सरकार ने खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 वर्षों तक मजबूत करने का ऐलान किया है। इसके तहत नए प्रशिक्षण केंद्र, कोचिंग सुविधाएं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। खेल उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी घटाने से खिलाड़ियों को राहत मिलेगी।
महिलाओं के लिए SHE-Mart और हॉस्टल योजना
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए SHE (Self-Help Entrepreneur) Mart शुरू किए जाएंगे, जहां महिला उद्यमी अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगी। इसके अलावा देश के करीब 800 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण की योजना भी बजट में शामिल है।
विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता
बजट में विदेश में शिक्षा और मेडिकल ट्रीटमेंट पर खर्च करने वालों को राहत दी गई है। सरकार ने TCS की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है, जिससे विदेशी शिक्षा और इलाज का खर्च कम होगा।
शेयर बाजार निवेशकों को झटका
बजट 2026 में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई और निवेशकों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बूस्ट
मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विस (EMS) सेक्टर के लिए 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके साथ ही PLI योजना के बजट में बढ़ोतरी से घरेलू उत्पादन और रोजगार सृजन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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