अमेरिकी धरती पर रामायण की गूंज: मैरीलैंड के प्रतिनिधियों ने देखी विशेष प्रदर्शनी

Jan 23, 2026 - 15:27
अमेरिकी धरती पर रामायण की गूंज: मैरीलैंड के प्रतिनिधियों ने देखी विशेष प्रदर्शनी

एशिया और उससे आगे रामायण के प्रसार पर आधारित एक दिवसीय प्रदर्शनी अमेरिका के मैरीलैंड स्टेट असेंबली बिल्डिंग में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में स्टेट लॉ मेकर, राजनयिक और समाज के कई प्रमुख लोग शामिल हुए। यह आयोजन एनापोलिस परिसर में हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे।

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कार्यक्रम में मैरीलैंड के कई प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। प्रतिनिधि वू चाओ ने कहा कि यह प्रदर्शनी दिखाती है कि संस्कृति कैसे अलग-अलग देशों और पृष्ठभूमियों के लोगों को जोड़ती है। उनके अनुसार ऐसी सांस्कृतिक पहल लोगों के बीच समझ बढ़ाती है और राजनीति में दिखने वाले मतभेदों को कम करने का काम करती है। चाओ ने कहा, "यह एक ऐसी संस्कृति है जो लोगों को जोड़ती है और विविधता प्रदान करती है और वास्तव में विभिन्न पृष्ठभूमियों के बीच समझ को बढ़ाती है।"

प्रतिनिधि हैरी भंडारी ने रामायण की नैतिक शिक्षाओं पर बात करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। उन्होंने बताया कि रामायण हमें चरित्र, त्याग, पारिवारिक मूल्यों, विनम्रता और अहंकार से बचने की सीख देती है। आज के समय में, जब समाज कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा है, ये शिक्षाएं और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

प्रतिनिधि माइक रोजर सेना में रह चुके हैं और एशिया के कई देशों की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी ने उनके अनुभवों की याद दिला दी। उनके अनुसार, "हमारे बीच मतभेदों की तुलना में अधिक समानताएं हैं। साझा परंपराओं को समझने से आपसी सम्मान बढ़ता है और दुनिया बेहतर बनती है।"

नेपाल दूतावास की अरुणा घिसिंग ने कहा कि इस प्रदर्शनी ने उन्हें बचपन की यादें ताजा करा दीं, जब वे रामायण के धारावाहिक देखा करती थीं। उन्होंने बताया कि यह जानकर उन्हें आश्चर्य हुआ कि रामायण का संबंध गुयाना जैसे दूर देशों से भी है। उन्होंने इस आयोजन को सुंदर सांस्कृतिक उत्सव बताया और भविष्य में सहयोग की इच्छा भी जताई।

आयोजकों ने कहा कि प्रदर्शनी जानबूझकर राज्य विधायिका के अंदर रखी गई थी, ताकि नीति-निर्माता और कर्मचारी रामायण की व्यापक एशियाई सभ्यतागत पृष्ठभूमि को समझ सकें। हिंदूएक्शन से जुड़े उत्सव चक्रवर्ती ने बताया कि मैरीलैंड में बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग रहते हैं, साथ ही थाई, वियतनामी, कंबोडियाई और फिलिपीन समुदाय भी यहां बड़ी संख्या में हैं। उन्होंने कहा कि कई विधायकों को उन देशों में हिंदू इतिहास के बारे में सीमित जानकारी है जहां अब हिंदू बहुमत में नहीं हैं, जैसे कि मलेशिया, इंडोनेशिया या फिलीपींस।

इस प्रदर्शनी को मैरीलैंड लाने में डॉक्टर विद्या सत्यामूर्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि इससे पहले यह प्रदर्शनी अमेरिकी कैपिटल और ओहियो स्टेट कैपिटल में लग चुकी थी। उन्होंने रामायण को ऐसा ऐतिहासिक महाकाव्य बताया, जिसकी नैतिक शिक्षाएं आज भी पीढ़ी दर पीढ़ी और सीमाओं के पार लोगों के जीवन का हिस्सा बनी हुई हैं।

सथियामूर्ति ने कहा कि प्रदर्शनी में लगभग 11 देशों के प्रतिनिधित्व शामिल थे, जो इस व्यापक सच्चाई को दर्शाते हैं कि रामायण 16 से ज्यादा देशों में किसी न किसी रूप में मनाई और मानी जाती है। इसका मुख्य संदेश एकता, कर्तव्य, त्याग और परिवार के महत्व को बताना है, जो खास तौर पर युवा पीढ़ी के लिए बहुत प्रेरणादायक है।

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