आज का युवा राजनीति से जुड़ रहा है या उससे दूर जा रहा है?

भारतीय युवा राजनीति से पूरी तरह से अनुपस्थित नहीं हैं, बल्कि उनके जुड़ने के तरीके में बदलाव आ रहा है। बेरोजगारी, परीक्षा लीक और भर्ती परीक्षाओं में हुई देरी जैसे मुद्दों ने उन्हें राजनीतिक रूप से जागरूक किया है, फिर भी वे पारंपरिक राजनीतिक दलों से दूर रह रहे हैं। सोशल मीडिया ने उनकी भागीदारी के तरीके को नया रूप दिया है, हालांकि विशेषज्ञ गलत जानकारी और ध्रुवीकरण की समस्या को लेकर चिंतित हैं। युवा केवल चुनाव के वादों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि वे रोजगार, शिक्षा और जवाबदेही के संदर्भ में ठोस परिणाम की अपेक्षा कर रहे हैं।

Jun 16, 2026 - 04:28
आज का युवा राजनीति से जुड़ रहा है या उससे दूर जा रहा है?

"क्या राजनीति में आपकी कोई रुचि है?",

इन प्रश्नों पर हमने छात्रों, युवा पेशेवरों, प्रतियोगी परीक्षा के इच्छुक उम्मीदवारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पहली बार वोट देने वाले युवाओं के साथ चर्चा की। उनके उत्तरों से पता चला कि युवा राजनीति से पूरी तरह अलग नहीं हो रहा, लेकिन उसके राजनीतिक जुड़ाव के तरीके बदल रहे हैं।

हाल के समय में युवाओं के हित में कई नई योजनाएँ लागू की गई हैं। इनमें प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसी पहल शामिल हैं, जिन पर हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास, रोजगार, डिजिटल सशक्तिकरण और शिक्षा में सुधार को बढ़ावा देना है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि करोड़ों युवा इन पहलों से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही, चुनाव आयोग द्वारा प्रदर्शित आंकड़े यह दर्शाते हैं कि हर चुनाव में बड़ी संख्या में युवा मतदाता शामिल हो रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

युवाओं की राजनीतिक सोच में विविधता है। दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने बताया,

"हमें राजनीति में दिलचस्पी है, लेकिन हम हमेशा पारंपरिक राजनीतिक दलों से जुड़े नहीं रहना चाहते।"

दूसरी ओर, एक प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी ने कहा कि

बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में देरी और पेपर लीक जैसी समस्याएं युवाओं को राजनीतिक रूप से जागरूक बना रही हैं। 

हाल के वर्षों में, जंतर-मंतर जैसे कई स्थलों पर छात्रों और युवाओं ने जो विरोध प्रदर्शन किए हैं, वे दर्शाते हैं कि युवा अपनी समस्याओं को सार्वजनिक और राजनीतिक मुद्दा बनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि सोशल मीडिया ने युवाओं की राजनीतिक भागीदारी के तरीके में परिवर्तन ला दिया है। हालांकि, विशेषज्ञ यह चेतावनी भी देते हैं कि सोशल मीडिया पर फैली हुई गलत जानकारी और ध्रुवीकरण की समस्या युवाओं की राजनीतिक समझ को प्रभावित कर सकती है। कुछ अनुसंधान से पता चलता है कि भारी संख्या में युवा राजनीति को गंभीरता से लेते हैं, लेकिन वे पारंपरिक राजनीतिक प्रणालियों से दूरी बनाकर रखते हैं।

जनता से बातचीत के बाद जो निष्कर्ष सामने आया, वह यह है कि वर्तमान युवा वर्ग राजनीति से विमुख नहीं है, बल्कि वह इसे नए दृष्टिकोण से देख रहा है। वह केवल चुनावी वादों पर निर्भर नहीं रहना चाहता; इसके बजाय, रोजगार, शिक्षा, महंगाई, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर वास्तविक नतीजे चाहता है। यही वजह हो सकती है कि आज का युवा राजनीतिक मामले में ज्यादा जागरूक नजर आता है, लेकिन इसका समर्थन और विश्वास आसानी से नहीं मिलता। असल में, सवाल यह नहीं है कि युवा राजनीति में अपनी भागीदारी दिखा रहा है या नहीं, बल्कि यह है कि क्या राजनीति युवा पीढ़ी की उम्मीदों और चिंताओं के साथ मेल खा रही है।

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उन्नति बोयट Hi, I am Unnati, a student of Journalism and Mass Communication driven by a passion toward creativity, storytelling, and the exploration of ideas. My work reflects a commitment to sharing thoughtful insights, public personal reflections, and creative projects that promote curiosity, self-expression, and intellectual growth. Through my writing and creative endeavors, I aim to present perspectives that mirror both my understanding and my ongoing development as a writer. As I continue to advance in the field of media and communication, I aspire to integrate creativity with purpose, producing content and visual narratives that resonate with diverse audiences and leave a lasting impression.