डिग्री है, नौकरी नहीं: आखिर युवाओं की सबसे बड़ी चिंता क्या है?

भारत के युवा सबसे बड़ी चिंता यह महसूस करते हैं कि उनकी डिग्री के बावजूद उन्हें योग्यतानुसार नौकरी नहीं मिल रही है। भर्ती परीक्षाओं में की जाने वाली देरी, परीक्षाओं के लीक होने की घटनाएँ, और शिक्षा तथा उद्योग के बीच कौशल असमानता इस समस्या को और बढ़ा रही है। सरकार डिजिटल, विनिर्माण और स्टार्टअप क्षेत्रों में नए अवसरों की बात करती है, लेकिन युवाओं की अपेक्षाएँ केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं हैं; वे सुरक्षित, सम्मानजनक और कौशल आधारित रोजगार की तलाश कर रहे हैं।

Jun 9, 2026 - 13:43
डिग्री है, नौकरी नहीं: आखिर युवाओं की सबसे बड़ी चिंता क्या है?
डिग्री है, नौकरी नहीं: आखिर युवाओं की सबसे बड़ी चिंता क्या है?
डिग्री है, नौकरी नहीं: आखिर युवाओं की सबसे बड़ी चिंता क्या है?

"आपकी सबसे बड़ी चिंता क्या है?"

इस सवाल पर हमने कॉलेज के छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों, हाल में स्नातक हुए युवाओं और निजी क्षेत्र में काम कर रहे पेशेवरों से बातचीत की। अधिकांश जवाबों में एक सामान्य बात सामने आई—डिग्री हासिल करने के बाद भी नौकरी पाने की अनिश्चिता। कई युवाओं ने बताया कि शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उन्हें अपनी योग्यता के अनुरूप कार्यक्षेत्र में अवसर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या भारत के युवाओं की प्रमुख चिंता आज बेरोजगारी और रोजगार की गुणवत्ता बन गई है?

हालाँकि, स्थिति जमीनी स्तर पर काफी संतोषजनक नहीं लगती। दिल्ली के एक स्नातक छात्र ने बताया,

मेरे पास डिग्री है और इंटर्नशिप का अनुभव भी है, लेकिन मुझे अभी तक स्थायी नौकरी नहीं मिली।”

इसी प्रकार, बिहार के एक प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवार ने बताया कि भर्ती परीक्षाओं में देरी, रिक्त पदों का लंबे समय तक न भरना, और परीक्षा में अनियमितताएँ युवाओं के लिए चिंता का विषय बन चुकी हैं। हाल के वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने भी युवाओं के विश्वास को कमजोर किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या केवल नौकरी की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके गुणवत्ता से भी जुड़ा है। कई अर्थशास्त्रियों के अनुसार, भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं में बेरोजगारी की दर सामान्य बेरोजगारी दर से अधिक देखी गई है। उनका कहना है कि शिक्षा प्रणाली और उद्योगों की आवश्यकताओं के बीच कौशल का अंतर (Skill Gap) एक महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है। हालांकि, सरकार का कहना है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, हरित ऊर्जा और स्टार्टअप क्षेत्र में नए अवसर लगातार पैदा हो रहे हैं, और ये आने वाले वर्षों में और अधिक युवाओं के लिए फायदेमंद साबित होंगे।

सार्वजनिक वार्ता के परिणाम स्वरूप यह सामने आया है कि

युवा केवल नौकरी की तलाश में नहीं हैं, बल्कि वे ऐसे रोजगार की आकांक्षा रखते हैं जो सुरक्षित, सम्मानजनक और कौशल आधारित हो।

योजनाएँ और निवेश अपने आप में महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनकी सफलता इस पर निर्भर करेगी कि वे कितने युवाओं को वास्तविक अवसर प्रदान कर पाते हैं।आज के युवा के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या केवल डिग्री ही भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, या काम पाने के लिए इससे कहीं अधिक की आवश्यकता है?

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उन्नति बोयट Hi, I am Unnati, a student of Journalism and Mass Communication driven by a passion toward creativity, storytelling, and the exploration of ideas. My work reflects a commitment to sharing thoughtful insights, public personal reflections, and creative projects that promote curiosity, self-expression, and intellectual growth. Through my writing and creative endeavors, I aim to present perspectives that mirror both my understanding and my ongoing development as a writer. As I continue to advance in the field of media and communication, I aspire to integrate creativity with purpose, producing content and visual narratives that resonate with diverse audiences and leave a lasting impression.