वेबिनार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा से भरना जरूरी'

Mar 6, 2026 - 17:14
वेबिनार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा से भरना जरूरी'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'कृषि और ग्रामीण परिवर्तन' पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा से भरना जरूरी है। इस साल के बजट में इस दिशा में नए प्रयास हुए हैं और मुझे विश्वास है कि वेबिनार में हुई चर्चा व इससे निकले विचार बजट प्रावधानों को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने में मदद करेंगे।

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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया के बाजार खुल रहे हैं और ग्लोबल डिमांड बदल रही है। इस वेबिनार में अपनी खेती को एक्सपोर्ट ऑरिएंटेड बनाने पर भी ज्यादा से ज्यादा चर्चा जरूरी है। हमारे यहां अलग-अलग तरह का क्लाइमेट है और हमें इसका पूरा फायदा उठाना चाहिए। हमारे यहां एग्रो-क्लाइमेटिक जोन बहुत ज्यादा हैं।

उन्होंने कहा कि बजट में हमने हाई वैल्यू एग्रीकल्चर पर फोकस किया है। केरल और तमिलनाडु के किसानों को अधिक फायदे मिलें, यह सुनिश्चित करने के लिए इस बार नारियल पर खास जोर दिया गया है, जिससे हमारे किसानों को फायदा होगा। बजट में नॉर्थ ईस्ट की फसलों को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव शामिल किया गया है।

कृषि और किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत संबंधित विभागों के अधिकारी वेबिनार में शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा, "अब बजट के बाद उसके फुल पोटेंशियल का लाभ देश को मिले, इस दिशा में भी आपका अनुभव, आपके सुझाव और बजट का सर्वाधिक लोगों को लाभ हो, बजट का पाई-पाई पैसा जिसके लिए दिया गया है, उसको जल्द से जल्द परिपूर्ण कैसे करें, आपके सुझाव इस वेबिनार के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।"

उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि कृषि, एग्रीकल्चर, विश्वकर्मा हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हैं। एग्रीकल्चर भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का रणनीतिक स्तंभ भी है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने कृषि सेक्टर को लगातार मजबूत किया है। पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए करीब 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा मिले हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा, "एमएसपी में हुए रिफॉर्म से अब किसानों को डेढ़ गुना तक रिटर्न मिल रहा है। संस्थागत ऋण कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के दावे का निपटान किया गया है। ऐसे अनेक प्रयासों से किसानों का रिस्क बहुत कम हुआ है और उन्हें एक बुनियादी आर्थिक सुरक्षा मिली है।

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