कुपोषण के खिलाफ जंग में यूपी बना मॉडल, 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रहा पौष्टिक आहार

Jun 9, 2026 - 04:50
कुपोषण के खिलाफ जंग में यूपी बना मॉडल, 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रहा पौष्टिक आहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश कुपोषण के खिलाफ अपनी लड़ाई में देश के लिए एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की सक्रिय कार्यशैली के चलते प्रदेश में संचालित टेक होम राशन योजना मातृ एवं शिशु पोषण को नई मजबूती प्रदान कर रही है।

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पोषण, तकनीक, पारदर्शिता और महिला सशक्तीकरण को एक साथ जोड़ने वाली यह व्यवस्था अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त कर रही है।

योगी सरकार ने भारत सरकार की सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 गाइडलाइन तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2023 के अनुरूप रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इस नई प्रणाली को बड़े पैमाने पर धरातल पर उतारा है। वर्तमान में प्रदेश में हर महीने लगभग 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पौष्टिक आहार पहुंचाया जा रहा है। इनमें छह माह से छह वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं तथा अतिकुपोषित बच्चे शामिल हैं।

सीएम योगी के मार्गदर्शन में यह पहल केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सकारात्मक असर स्वास्थ्य संकेतकों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 की तुलना में वर्ष 2019-21 के दौरान प्रदेश में बच्चों में स्टंटिंग यानी नाटेपन की दर 39.7 प्रतिशत से घटकर 31.5 प्रतिशत तक पहुंच गई। इसके अलावा अल्पवजन और दुबलापन जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि योगी सरकार की पोषण नीति जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही है।

योगी सरकार में इस योजना के तहत विभिन्न आयु वर्गों के लिए विशेष पोषण उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर और संपूर्ण मातृ आहार जैसे उत्पाद बच्चों और महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं बच्चों के लिए आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण जैसी ऊर्जा युक्त विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। योगी सरकार ने पूरी आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़कर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की है। जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड और ओटीपी आधारित सत्यापन प्रणाली के माध्यम से हर पैकेट की डिजिटल निगरानी की जा रही है। इससे वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हुई है और लाभार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण पोषण सामग्री समय पर पहुंच रही है।

बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन की निदेशक हर्षिता माथुर ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी यह योजना नई मिसाल बन रही है। टेक होम राशन के उत्पादन और आपूर्ति की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। वर्तमान में प्रदेश की 4000 से अधिक महिलाएं इन उत्पादन इकाइयों से जुड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर रही हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।

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