केंद्र सरकार मछुआरों को ज्यादा कीमत वाले मछली संसाधनों का इस्तेमाल करने के लिए करेगी प्रोत्साहित

Sep 16, 2026 - 07:06
केंद्र सरकार मछुआरों को ज्यादा कीमत वाले मछली संसाधनों का इस्तेमाल करने के लिए करेगी प्रोत्साहित

सरकार गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को बढ़ावा देने के लिए मछुआरों को ज्यादा कीमत वाली मछली पकड़ने के संसाधनों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत, गुजरात के गांधीनगर में गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को बढ़ावा देने और एक्सेस पास व लेटर ऑफ ऑथराइजेशन रखने वालों के साथ बातचीत करने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी।  

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इस चर्चा से भारत के गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक अहम मंच मिलने की उम्मीद है। इसमें नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, वित्तीय संस्थान, इंडस्ट्री से जुड़े लोग, सहकारी समितियां और मछुआरे एक साथ आकर खास मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

गुरुवार को गुजरात में होने वाला यह कार्यक्रम मछुआरों को जमीनी चुनौतियों को समझने और इस सेक्टर को और मजबूत करने के लिए संबंधित लोगों से सुझाव लेने का मंच देगा।

बयान में कहा गया है कि कार्यशाला से निकलने वाली चर्चाएं और सुझाव जमीनी चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान खोजने, टेक्नोलॉजी, कौशल, फाइनेंस और बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने में मछुआरों की ज्यादा भागीदारी को आसान बनाने में मदद करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य लोग शामिल होंगे।

यह कार्यशाला ऐसे समय में हो रही है जब भारत के ईईजेड (अनन्य आर्थिक क्षेत्र) में समुद्री मछली पकड़ने की क्षमता का अनुमान 58.6 लाख एमटी है। इससे लगभग 50 लाख मछुआरों की आजीविका चलती है और यह खाद्य सुरक्षा, पोषण, रोजगार, आय सृजन और निर्यात से होने वाली कमाई में अहम योगदान देता है।

भारत अभी दुनिया में मछली और एक्वाकल्चर का उत्पादन करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है और इसने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 73,890 करोड़ रुपये मूल्य के समुद्री भोजन का निर्यात किया।

ज्यादातर मछली पकड़ने की गतिविधियां तट से 40-50 नॉटिकल मील के दायरे में होती हैं, जबकि गहरे पानी और राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर के इलाकों में ज्यादा कीमत वाली प्रजातियों, खासकर टूना और टूना जैसी मछलियों को पकड़ने के बड़े मौके हैं।

मत्स्य पालन विभाग ने मछली पालन करने वाले किसानों के उत्पादक संगठनों और मछली पालन सहकारी समितियों को मजबूत करने पर खास ज़ोर दिया है, साथ ही कई पहलों के ज़रिए मछली पालन सेक्टर के डिजिटलाइजेशन पर भी ध्यान केंद्रित किया है।

कार्यशाला में गहरे समुद्र में मछली पकड़ने की पूरी वैल्यू चेन को कवर करने वाले खास तकनीकी सत्र होंगे। इनमें संसाधन की क्षमता और जहाज़ों के आधुनिकीकरण से लेकर कौशल विकास, फाइनेंसिंग, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात बाज़ारों तक पहुंच जैसे विषय शामिल होंगे।

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