रेलवे जल्द ही करेगा नए नियम लागू!

रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना को लागू करने के लिए रेलवे एक सुपर ऐप तैयार कर रहा है। यह ऐप अगले छह महीनों में काम करना शुरू कर देगा। इस ऐप में, जैसे ही यात्री अपनी यात्रा के लिए चयनित मार्ग का विवरण डालेंगे, उन्हें ट्रेनों में कितनी सीटें खाली हैं और कितनी भरी हुई हैं, इसकी पूरी जानकारी मिलेगी। इसके बाद वे अपनी सीट का चयन कर सकेंगे।

Aug 5, 2024 - 14:06
Aug 5, 2024 - 17:26
रेलवे जल्द ही करेगा नए नियम लागू!
भारतीय रेलवे ने नए साल में एक बड़ी योजना लागू करने की तैयारी की है। रेलवे आने वाले दिनों में वेटिंग टिकट को पूरी तरह से खत्म करने की योजना बना रहा है। दिसंबर या नए साल से इस योजना का पहला चरण शुरू होगा। शुरुआत में इसे पांच चुनिंदा रूटों पर 500 किमी की दूरी तय करने वाली सामान्य ट्रेनों में लागू किया जाएगा, जहां 90 प्रतिशत तक कंफर्म टिकट की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
 
रेलवे के अनुसार, इस योजना को लागू करने के लिए एक सुपर ऐप बनाया जा रहा है, जो अगले छह महीनों में काम करना शुरू कर देगा। इस ऐप पर यात्री जैसे ही चयनित रूट्स पर यात्रा करने के लिए अपनी जानकारी दर्ज करेंगे, उन्हें ट्रेन में खाली और भरी हुई सीटों का पूरा विवरण मिलेगा। इसके बाद वे अपनी सीट का चयन कर सकेंगे।
 
रेलवे, इन रूट्स पर यात्रियों को कंफर्म सीट देने के लिए मुख्य ट्रेनों के अलावा, एक घंटे के अंतराल में एक और ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है। जिससे यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल सके। इस नई ट्रेन के डिब्बे यात्रियों की वेटिंग सूची के आधार पर तय किए जाएंगे। यदि स्लीपर वेटिंग अधिक है, तो स्लीपर कोच जोड़े जाएंगे। वहीं, यदि यात्रियों के पास स्लीपर टिकट है और ट्रेन में एसी कोच अधिक हैं, तो यात्री किराए का अंतर भरकर एसी कोच में यात्रा कर सकेंगे।
 
इस वर्ष जनवरी में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि रेलवे के लिए एक सुपर ऐप बनाया जा रहा है, जिसमें रेलवे से जुड़ी सभी सेवाएं शामिल होंगी। इसमें ट्रेन की स्थिति, टिकट बुकिंग (रिजर्व और अनरिजर्व), टूर पैकेज बुकिंग, धार्मिक ट्रेन बुकिंग, फ्लाइट बुकिंग, कैब और होटल बुकिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके अलावा, ई-कैटरिंग, रिटायरिंग रूम और एक्जीक्यूटिव लाउंज की बुकिंग भी की जा सकेगी।
 
फ्रेट ग्राहकों के लिए इस सुपर ऐप पर थोक सामान बुकिंग, पार्सल बुकिंग और देशभर में माल ढुलाई के लिए सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे यात्रियों और माल ढुलाई करने वालों को एक ही प्लेटफार्म पर सभी सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे उनकी यात्रा और व्यापारिक अनुभव बेहतर होगा।
 
मंत्रालय में इस योजना के शुरुआती चरण में शामिल पांच रूटों पर चर्चा चल रही है। 500 किमी से कम दूरी वाले इन रूटों के लिए रेलवे ने कंफर्म और वेटिंग टिकट का डाटा इकट्ठा किया है। इस डाटा का विश्लेषण करने के बाद तय होगा कि इन रूटों पर कितने यात्रियों को कंफर्म और वेटिंग टिकट मिलते हैं। रेलवे का लक्ष्य है कि अगले सात वर्षों में देश में कंफर्म टिकट की मांग और उपलब्धता को पूरा किया जाए, ताकि 2031 तक वेटिंग टिकट की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाए।
अब खबरें आपके मोबाइल पर!
Tehelka Khabar App डाउनलोड करें और ताज़ा खबरों से जुड़े रहें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow