द तहलका खबर की चेतावनी के बाद जागी गोविन्दनगर पुलिस, पानी की टंकी के पास नशे के सरगना पर शिकंजा
खबर का असर
242 ग्राम नशीला पाउडर बरामद, आरोपी जेल भेजा गया
राहुल शर्मा (क्राइम रिपोर्टर)
मथुरा। “मथुरा में कानून की आंखों पर पट्टी, नशे के सौदागर बेखौफ” शीर्षक से प्रकाशित खबर का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। खबर में पानी की टंकी के पास खुलेआम बिक रहे मादक पदार्थों और नाबालिग बच्चों के इस्तेमाल का जो गंभीर खुलासा किया गया था, उस पर आखिरकार गोविन्दनगर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
खबर के प्रसारण के बाद थाना गोविन्दनगर पुलिस हरकत में आई और सघन चेकिंग अभियान के दौरान नशे के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई साफ तौर पर साबित करती है कि जिन ठिकानों की ओर पहले आंखें मूंदी जा रही थीं, वही ठिकाने अब पुलिस की रडार पर आ गए हैं।
पानी की टंकी वाला सच, जिसे नकारा नहीं जा सका
खबर में जिस पानी की टंकी के नीचे नाबालिग के जरिए नशा बिकने का खुलासा किया गया था, उसी इलाके से जुड़े नेटवर्क पर पुलिस ने कार्रवाई की। देर रात चेकिंग के दौरान महाविद्या कुंड गेट के पास से पुलिस ने एक युवक को 242 ग्राम अवैध अल्प्राजोलाम नशीले पाउडर के साथ गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जतिन शर्मा (22 वर्ष) निवासी एफ सेक्टर, 80 फुटा रोड, थाना गोविन्दनगर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21/22 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
जिन सवालों पर चुप्पी थी, उन्हीं पर कार्रवाई
यह वही इलाका है, जहां पहले पुलिस से शिकायत के बावजूद केवल “दिखवा रहे हैं”, “चेक करा रहे हैं” जैसे जवाब दिए जा रहे थे। लेकिन द तहलका खबर द्वारा मुद्दा सार्वजनिक किए जाने के बाद पुलिस को न केवल हरकत में आना पड़ा, बल्कि ठोस कार्रवाई भी करनी पड़ी स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह खबर सामने न आती, तो शायद नशे का यह कारोबार यूं ही चलता रहता और नाबालिग बच्चों का भविष्य यूं ही बर्बाद होता रहता।
कुछ सवाल अब भी बाकी
हालांकि एक गिरफ्तारी हुई है, लेकिन सवाल अब भी कायम हैं—
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क्या नाबालिगों को नशे में धकेलने वालों पर भी कार्रवाई होगी?
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क्या बाकी ठिकानों पर भी पुलिस की नजर पड़ेगी?
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और क्या यह अभियान स्थायी होगा या फिर खबर ठंडी होते ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
फिलहाल इतना तय है कि द तहलका खबर की आवाज ने कानून को जगाया है। अब देखना यह है कि यह जागरूकता कितनी दूर तक जाती है।
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