खबर का असर | स्वास्थय विभाग ने ग्लोबल प्लस हॉस्पीटल पर लगाया सील वाला ताला
मथुरा | मथुरा में स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत एक बार फिर सामने आ गई है। मरीजों की शिकायतों और मीडिया में खुलासे के बाद जहां स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक निजी हॉस्पीटल को सील कर दिया, वहीं हॉस्पीटल संचालक की हरकत ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सील किए गए हॉस्पीटल के मुख्य गेट पर सील लगे ताले के ऊपर फर्श साफ करने वाला पोछा टांग दिया गया, ताकि दूर से देखने पर आम लोगों को यह आभास न हो कि हॉस्पीटल सील है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों को भ्रमित करने की सोची-समझी कोशिश भी है।
खबर के बाद हरकत में आया विभाग
22 जनवरी 2026 को द तहलका खबर ने “इलाज नहीं, सिर्फ लूट” शीर्षक से खबर प्रसारित की गयी थी। खबर के संज्ञान में आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच कराई और 28 जनवरी 2026 को हॉस्पीटल को सील करने की कार्रवाई की गई।
हालांकि सील के बाद भी जिस तरह से हॉस्पीटल संचालक द्वारा पोछा टांगकर स्थिति को छुपाने की कोशिश की गई, उसने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।
सील पर पोछा—संयोग या साजिश?
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह महज संयोग नहीं हो सकता। सील के बाद यदि हॉस्पीटल संचालक ऐसी हरकत करता है तो यह स्पष्ट संकेत है कि उसे न तो कानून का डर है और न ही कार्रवाई का।
सवाल यह भी है कि—
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क्या सील के बाद नियमित निगरानी की कोई व्यवस्था है?
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क्या ऐसे मामलों में और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए?
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क्या मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों को खुली छूट मिली हुई है?
अन्य हॉस्पीटल भी सवालों के घेरे में
मथुरा में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई निजी हॉस्पीटल्स पर गंभीर आरोप लग चुके हैं।
मथुरा न्यूरो सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पीटल और
चौधरी हॉस्पीटल एंड ट्रॉमा सेंटर
पर भी अनियमितताओं को लेकर सवाल उठ चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरा सवाल
यह मामला सिर्फ एक हॉस्पीटल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। जब सील जैसी कार्रवाई के बाद भी नियमों का इस तरह मज़ाक उड़ाया जा सकता है, तो मरीजों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
अब देखने वाली बात यह होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों पर सिर्फ ताला लगेगा या सख्त कार्रवाई भी होगी।
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