उन्नति बोयट

उन्नति बोयट

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Hi, I am Unnati, a student of Journalism and Mass Communication driven by a passion toward creativity, storytelling, and the exploration of ideas. My work reflects a commitment to sharing thoughtful insights, public personal reflections, and creative projects that promote curiosity, self-expression, and intellectual growth. Through my writing and creative endeavors, I aim to present perspectives that mirror both my understanding and my ongoing development as a writer. As I continue to advance in the field of media and communication, I aspire to integrate creativity with purpose, producing content and visual narratives that resonate with diverse audiences and leave a lasting impression.

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 unnati@thetehelkakhabar.com

नागरिक अधिकारों पर चर्चा ज्यादा होती है या जिम्मेदारियो...

संविधान दिवस पर हुई चर्चा में यह बात सामने आई कि नागरिक अपने अधिकारों (RTI, RTE,...

राजनीति लोगों की समस्याओं से दूर हो रही है?

रोज़गार, भर्ती परीक्षाएँ, महँगाई और दवाओं की बढ़ती कीमतें आम नागरिकों के लिए असल...

क्या सरकारी योजनाओं की सफलता लाभार्थी तय करें या सरकार?

सरकारी आँकड़े और लोगों के अनुभव अक्सर अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं - जल जीवन मिशन...

जनता बनाम सरकारी दावे: किस पर भरोसा करें?

सरकार के आर्थिक आंकड़े और आम आदमी के रोजमर्रा के अनुभव अलग दिशा में जाते हैं तो ...

भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया?

हालांकि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर राष्ट्रीय गर्व महसूस ...

देश की उपलब्धियां लोगों की रोजमर्रा की चुनौतियों को ढक ...

हालांकि लोग चंद्र मिशन, G-20 और मेट्रो-एक्सप्रेसवे जैसी राष्ट्रीय उपलब्धियों पर ...

भारत की आर्थिक प्रगति आम नागरिक की जेब में दिखाई देती है?

भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, लेकिन जीडीपी की व...

लोग नेताओं को उनके काम से आंकते हैं या उनकी छवि से?

बातचीत के दौरान मतदाताओं ने कहा कि उनका वोटिंग का फैसला सिर्फ नेता की छवि और लोक...

"विकास हुआ है?" — लेकिन जनता किसे विकास मानती है?

यह लेख विकास की विभिन्न धारणाओं पर प्रकाश डालता है जो सरकार और आम जनता के बीच भि...

क्या युवाओं का धैर्य भर्ती परीक्षाओं और परिणामों के इंत...

यह लेख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के समक्ष मौजूद बढ़ती अनिश्चित...

चुनावी मुद्दे और जनता के मुद्दे अलग-अलग हैं?

यह लेख चुनावों के मुद्दों और आम आदमी की असल समस्याओं के बीच के अंतर को उजागर करत...

क्या भारत का युवा इंतज़ार की पीढ़ी बन गया है?

यह लेख भारतीय युवाओं के लिए इंतज़ार की बढ़ती समस्या और मौकों की कमी पर ज़ोर देता...

क्या विकास की कहानी हर नागरिक की कहानी है?

यह लेख बताता है कि देश में हो रहे विकास का फ़ायदा समाज के सभी वर्गों को एक समान ...

जनता और सरकार एक ही भारत देख रहे हैं?

यह लेख सरकार के विकास के दावों और जनता के वास्तविक अनुभवों के बीच के अंतर को उजा...

करोड़ों की योजनाओं का असर आम आदमी तक पहुंच रहा है?

यह लेख सरकारी योजनाओं के वादों और आम लोगों की असल ज़िंदगी की हकीकत के बीच के अंत...

जनता बनाम सरकारी दावे: सच किसके करीब है?

यह लेख सरकार के तरक्की के दावों और आम आदमी की असलियत के बीच के फ़र्क को बताता है...