“हम सब दोषी नहीं” — कश्मीरियों पर बढ़ते शक को लेकर उमर अब्दुल्ला की दो टूक, दिल्ली ब्लास्ट की जांच पर भी जताई चिंता

Nov 19, 2025 - 11:51
“हम सब दोषी नहीं” — कश्मीरियों पर बढ़ते शक को लेकर उमर अब्दुल्ला की दो टूक, दिल्ली ब्लास्ट की जांच पर भी जताई चिंता

नई दिल्ली/श्रीनगर।10 नवंबर को दिल्ली में हुए कार विस्फोट के बाद देशभर में कश्मीरी छात्रों और पेशेवरों पर बढ़ती निगरानी को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने साफ कहा कि “कुछ लोगों की हरकत का ठीकरा पूरे समुदाय पर नहीं फोड़ा जा सकता। हम सब दोषी नहीं हैं।”

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली ब्लास्ट की साजिश भले ही मुट्ठीभर लोगों ने रची हो, लेकिन उसके बाद जिस तरह का माहौल बनाया गया, उससे आम कश्मीरियों को संदेह की नजर से देखा जाने लगा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “आज दिल्ली में जम्मू-कश्मीर नंबर की गाड़ी चलाना अपराध जैसा बन गया है। मैं भी बिना ज्यादा सुरक्षा के निकलता हूं तो सोचता हूं कि कहीं रास्ते में पहचान पूछकर रोक ना लिया जाए।”

कश्मीरी युवाओं पर बढ़ी निगरानी, छात्रों में दहशत का माहौल

दिल्ली विस्फोट में 12 लोगों की मौत के बाद कई राज्यों में कश्मीरी छात्रों, कर्मचारियों और पेशेवरों से अतिरिक्त पूछताछ की शिकायतें सामने आईं। कई अभिभावकों ने भी घाटी में इस बढ़ते शक-जजमेंट को लेकर चिंता व्यक्त की है।

जांच में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

इस बीच, जांच एजेंसियों ने धमाके से जुड़े कई अहम सुरागों पर दबिश तेज कर दी है।

  • कार चालक की पहचान कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी के रूप में हुई है, जो फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे।

  • राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

    • रविवार को कश्मीर के प्लंबर आमिर राशिद अली को पकड़ा गया, जो विस्फोटक कार का मालिक था।

    • सोमवार को 10 नवंबर के लाल किला विस्फोट में शामिल “सक्रिय सह–साजिशकर्ता” जसबीर बिलाल वानी (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।

3,000 किलो विस्फोटक बरामद, ‘सफेदपोश मॉड्यूल’ का पर्दाफाश

इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान में ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ का भंडाफोड़ कर दिया था।
कार्रवाई में अल फलाह यूनिवर्सिटी के दो कश्मीरी डॉक्टर—डॉ. मुज़म्मिल गनई और डॉ. अदील राथर—सहित 7 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
फरीदाबाद के एक स्थान से करीब 3,000 किलोग्राम विस्फोटक और उपकरण बरामद किए गए, जो अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी में गिना जा रहा है।

उमर अब्दुल्ला की अपील: ‘दोषियों को सजा दें, लेकिन बेगुनाहों को न सताएं’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और असली दोषियों को कठोर सजा मिलनी ही चाहिए, लेकिन निर्दोष कश्मीरियों के खिलाफ अविश्वास का माहौल खड़ा करना खतरनाक है।

उन्होंने केंद्र और राज्यों की सरकारों से अपील की कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित कार्रवाई करें, ताकि किसी भी निर्दोष नागरिक का भविष्य संदेह और भय के साए में न डगमगाए।

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