“बच्चों की जान से खिलवाड़! अवैध बिल्डिंग में संचालित Holy Angel public School
होली एंजल पब्लिक स्कूल पर प्राधिकरण की कार्रवाई में लापरवाही, जिम्मेदारों पर उठे सवाल
मथुरा। गोवर्धन चौराहा स्थित होली एंजल पब्लिक स्कूल संचालित है। द तहलका खबर के संवाददाताओं की पड़ताल में सामने आया है कि जिस भवन में कई वर्षों से स्कूल संचालित हो रहा है, वह कथित रूप से अवैध निर्माण कर तैयार किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में शिकायत मिलने के बाद मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने 24 मार्च 2026 को स्कूल प्रबंधन को पत्र जारी कर निर्माणाधीन भवन के मानचित्र स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा। लेकिन मौके पर स्कूल प्रबंधन द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
बताया जा रहा है कि पूर्व में भी अवैध निर्माण को लेकर प्राधिकरण द्वारा कार्रवाई की गयी थी, लेकिन बाद में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। चर्चा है कि उस समय जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया और अवैध निर्माण में स्कूल की बिल्डिंग बनकर तैयार हो गयी।
बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा
सबसे विचारणीय बिंदु यह है कि ग्राउंड फ्लोर पर बच्चे पढ़ रहे हैं, जबकि उसी भवन की ऊपरी मंजिल पर कथित रूप से अवैध निर्माण कार्य जारी है। निर्माण के दौरान मलबा गिरने या अन्य दुर्घटना का खतरा बना रहता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
नियमों के अनुसार, किसी भी स्कूल भवन में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है, लेकिन यहां नियमों की अनदेखी स्पष्ट दिखाई दे रही है। गनीमत रही कि अब तक कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई, लेकिन खतरा लगातार बना हुआ है।
शिक्षा विभाग और बीएसए की भूमिका भी सवालों में
नियमों के अनुसार, प्राधिकरण या आवास विकास क्षेत्र में किसी भी शिक्षण संस्थान के भवन निर्माण के लिए निर्माण उपविधियों का पालन अनिवार्य होता है। इसके बावजूद कथित रूप से बिना पूर्ण स्वीकृति के भवन में स्कूल संचालन जारी है।
द तहलका खबर के पत्रकारों ने एक माह पूर्व ही स्कूल की दूसरी और तीसरी मंजिल पर चल रहे निर्माण को कैमरे में कैद किया था, फिर भी शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता जारी रखना कई सवाल खड़े करता है।
प्राधिकरण द्वारा बीएसए को भेजा जाए मान्यता समाप्त करने का पत्र
इस मामले में क्षेत्रीय सहायक अभियंता सुमित मौर्य से दूरभाष पर संपर्क कर सुझाव दिया गया कि मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा को मथुरा के बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) को पत्र भेजकर स्कूल की मान्यता समाप्त कराने की कार्रवाई करनी चाहिए।
यदि मान्यता समाप्त होती है, तो स्कूल को तत्काल खाली कराकर अवैध निर्मित भवन को सील किया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है या नहीं?
What's Your Reaction?

